Uno Minda Share: ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली UNO मिंडा के शेयर ने गुरुवार, 5 नवंबर को 11% तक की छलांग लगाई। सितंबर तिमाही के नतीजों में कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों 38.2% बढ़े हैं। बाजार को इसके साथ एक और खबर पसंद आई। कंपनी अब गाड़ियों के सनरूफ बनाने की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करीब ₹85 करोड़ और लगाने जा रही है।
11% की छलांग, एक महीने में 20% चढ़ा शेयर
नतीजे आते ही UNO मिंडा के शेयर में जोरदार खरीदारी शुरू हो गई। दोपहर करीब 2:52 बजे शेयर 11% की तेजी के साथ ₹1,328 पर कारोबार कर रहा था।
ये तेजी किसी एक दिन की कहानी भी नहीं है। पिछले एक महीने में शेयर 20% चढ़ चुका है। यानी नतीजों से पहले ही निवेशकों का भरोसा इस शेयर पर बन रहा था और दमदार आंकड़ों ने उसे और पक्का कर दिया।
मुनाफा और रेवेन्यू, दोनों में 38.2% की बढ़त
30 सितंबर 2026 को खत्म तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹420 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹304 करोड़ कमाए थे। यानी मुनाफे में सालभर में 38.2% का इजाफा।
बिक्री ने भी ठीक इसी रफ्तार से दौड़ लगाई। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹4,814 करोड़ से बढ़कर ₹6,655 करोड़ पर पहुंच गया, ये भी 38.2% की बढ़त है। मुनाफा और बिक्री, दोनों का एक ही रफ्तार से बढ़ना बताता है कि कंपनी का कारोबार हर तरफ से फैला है।
EBITDA बढ़ा, पर मार्जिन हल्का फिसला
ऑपरेटिंग लेवल पर भी कमाई बढ़ी। EBITDA 33% बढ़कर ₹733 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹551 करोड़ था। बस एक जगह आंकड़ा थोड़ा कमजोर पड़ा। EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 11.4% से घटकर 11% पर आ गया। इसे ऐसे समझिए, पिछले साल कंपनी हर ₹100 की बिक्री पर ₹11.4 का ऑपरेटिंग मुनाफा बना रही थी, इस बार ये ₹11 रहा। EBITDA की बढ़त रेवेन्यू की बढ़त से कम रहने की वजह से मार्जिन पर ये हल्का दबाव दिखा।
सनरूफ पर ₹85 करोड़ का दांव
नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने एक अहम फैसला भी लिया। हरियाणा के बावल में सनरूफ बनाने की क्षमता बढ़ाने के लिए करीब ₹85 करोड़ के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी गई है।
कंपनी के मुताबिक इस विस्तार के दो मकसद हैं। पहला, ग्राहकों से मिले नए ऑर्डर पूरे करना। दूसरा, भारत के पैसेंजर व्हीकल बाजार में एडवांस सनरूफ सिस्टम की बढ़ती मांग को पकड़ना। आज कार खरीदने वाले के लिए सनरूफ एक बड़ी पसंद बनता जा रहा है और कंपनी इसी मांग पर दांव लगा रही है।
इस निवेश से बावल प्लांट में हर साल 2.91 लाख यूनिट की अतिरिक्त क्षमता जुड़ेगी। काम एक साथ नहीं, बल्कि चरणों में होगा और प्रोडक्शन FY28 की दूसरी तिमाही से शुरू होने की उम्मीद है। पैसे का इंतजाम टर्म लोन और कंपनी की अपनी कमाई यानी इंटरनल एक्रूअल्स को मिलाकर किया जाएगा।
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