अनलिस्टेड मार्केट में निवेश आपकी पॉकेट पर भारी पड़ सकता है। हाल में आए IPO में निवेशकों को बड़ी चपत लगी है। अनलिस्टेड शेयरों में निवेशकों के पॉकेट लगातार खाली होते रहे हैं। तमाम अईपीओ अनलिस्टेड प्राइस के मुकाबले भारी डिस्काउंट पर आए हैं। उदाहरण के तौर पर देखें तो SBI फंड्स का IPO अनलिस्टेड भाव के मुकाबले 32% डिस्काउंउट पर आया है। जून में इसका अनलिस्टेड प्राइस 850 रुपए पर दिख रहा था। IPO ऑफर प्राइस 574 रुपए प्रति शेयर था। यह आईपीओ 32 फीसदी डिस्काउंट पर आया है।
इस पर सेबी भी लगातार अलर्ट दे रहा है। ध्यान में रखने का बात है कि अनलिस्टेड स्पेस में लिक्विडिटी बहुत कम होती है। ऐसे प्राइस डिस्कवरी कैसी हो रही है? क्या हो रहा है? शेयर किस भाव पर ट्रेड कर रहे हैं? अधिकतर वेबसाइट्स आपको इन पर एक इंडिकेटिव प्राइस ही बताते हैं। ऐसे में इनमें इस बात का रिस्क होता है कि जिस भाव पर आप स्टॉक में खरीदारी कर रहे हैं, बिकवाली कर रहे हैं या ट्रांजैक्शन कर रहे हैं, क्या वो असल भाव है या नहीं है? अगर आप देखें तो बहुत सारे लोग अनलिस्टेड स्पेस को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। उनको लगता है कि आईपीओ में अलॉटमेंट मिले ना मिले लेकिन आईपीओ से पहले ही हम इन शेयरों खरीदारी कर लेते हैं। हम सोचते हैं जब आईपीओ आएगा तो उसके बाद फायदा हो जाएगा। लेकिन अब तक का ट्रैक रिकॉर्ड यह बताता है कि यह स्ट्रेटजी बिल्कुल गलत पड़ती है और निवेशकों पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एसबीआई फंड्स के आईपीओ से ही यह बात समझ में आती है जो अपने अपने अनलिस्टेड भाव के 32 फीसदी नीचे के भाव पर आया है। जिन्होंने यह सोचा था कि इसके आईपीओ के पहले अनलिस्टेड मार्केट में खरीदारी करके फायदा लेंगे, अब उनको फिलहाल बड़ा झटकाव लगा है। इस आईपीओ में अनलिस्टेड मार्केट में पॉकेट भरने के चक्कर में बड़ा नुकसान देखने को मिला।
यह सिर्फ एसबी फंड्स की बात नहीं है। अगर आप पिछले रिकॉर्ड देखें तो बहुत सारे आईपीओ जिनका अनलिस्टेड स्पेस में बहुत तगड़ा हाइप था, उन्होंने निवेशकों को तगड़ा चूना लगाया है। AGS Transact के IPO की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 185-195 रुपए प्रति शेयर था। लेकिन जनवरी 2022 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 550 रुपए प्रति शेयर था। HDB Financial को लेकर भी अनलिस्टेड स्पेस में काफी हाइप था। इसमें स्टॉक में लिक्विडिटी भी काफी अच्छी थी। इस आईपीओ का प्राइस 700-740 रुपए प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस 1200-1250 रुपए प्रति शेयर था। यानी यह आईपीओ अपने अनलिस्टेड प्राइस से 40 फीसदी कम भाव पर आया।
UTI AMC की बात करें तो इसका आईपीओ प्राइस 552–554 प्रति शेयर था। लेकिन अनलिस्टेड स्पेस में इसका भाव 1,100 रुपए प्रति शेयर के आसपास तक पहुंच गया। यह आईपीओ भी अपने अनलिस्टेड प्राइस से लगभग आधे भाव पर आया है।
PB Fintech (Policybazaar) का आ IPO प्राइस 940–980 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 1,800 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 45 फीसदी डिस्काउंट पर आया। Tata Technologies का आईपीओ प्राइस 475–500 रुपए प्रति शेयर था। जबकि, नवंबर 2023 में इसका अनलिस्टेड प्राइस 950 रुपए प्रति शेयर था। यानी, यह आईपीओ 47 फीसदी डिस्काउंट पर आया।
इसी तरह Waaree Energies और Delhivery के आईपीओ पर नजर डालें तो Waaree Energies का IPO प्राइस 1,427–1,503 प्रति शेयर था। वहीं, इसका अनलिस्टेड प्राइस अक्टूबर 2024 में 2,700–2,750 रुपए प्रति शेयर था। Delhivery का आईपीओ भी अनलिस्टेड प्राइस से 50 फीसदी कम भाव पर आया था। ऐसे अगर आप अनलिस्टेड स्पेस में सिर्फ आईपीओ की उम्मीद से निवेश करते हैं तो यह आपके लिए बहुत बड़ा अलर्ट हैं।