Propshop Events IPO Listing: एग्जिबिशन स्टाल डिजाइन कंपनी प्रॉपशॉप इवेंट्स एंड एग्जीबिशंस के शेयरों की आज NSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल डेढ़ गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹69 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹55.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर उनकी पूंजी ही 20% घट गई। आईपीओ निवेशकों को और शॉक तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹52.45 (Propshop Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.99% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 2000 शेयरों का था तो हर लॉट पर निवेशकों को ₹33,100 करोड़ झटका लगा है।
Propshop Events IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
प्रॉपशॉप इवेंट्स एंड एग्जीबिशंस का ₹29 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.53 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.37 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.38 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.77 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹23 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 8 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹16.62 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Propshop Events & Exhibitions के बारे में
प्रॉपशॉप क्लाइंट की जरूरतों के मुताबिक देशी-विदेशी इवेंट्स के लिए 3डी एग्जीबिशन स्टाल डिजाइन करती है। यह कॉन्सेप्ट डिजाइन, 3डी विजुअलाइजेशन, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फैब्रिकेशन, लॉजिस्टिक्स, इंस्टॉलेशन, ऑन-साइट सुपरविजन, और पोस्ट-इवेंट डिसमैंटलिंग समेत एंड-टू-एंड एग्जीबिजिशन सर्विसेज देती है। इसका बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट है। भारत के साथ-साथ इसकी अमेरिका, यूके, जर्मनी, दुबई, स्पेन और सिंगापुर में दमदार मौजूदगी है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023-25 में इसका मुनाफा सालाना 155% से अधिक की रफ्तार यानी सीएजीआर से ₹6.32 करोड़ और टोटल इनकम 41% के सीएजीआर से ₹51.59 करोड़ पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो कंपनी को शुरुआती 11 महीने में ₹6.46 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹59.94 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। फरवरी 2026 के आखिरी में कंपनी पर कोई कर्ज नहीं था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹6.49 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।