IPO : पिछले कुछ महीनों में लगातार कई आईपीओ लॉन्च हुए हैं। इन आईपीओ में न सिर्फ निवेशकों ने जमकर निवेश किया है, बल्कि उन्हें लिस्टिंग पर जबरदस्त मुनाफा भी हो रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO दिलीप अस्बे का कहना है कि इन आईपीओ में 70 फीसदी तक एप्लिकेशन यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए आ रहे हैं। बता दें कि यह ऑर्गेनाइजेशन देश के सबसे पॉपुलर मोबाइल-बेस्ड डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म UPI को चलाता है।
देश में 12 करोड़ से ज्यादा डीमैट अकाउंट्स हैं। वहीं, केवल अनुमानित 5-6 करोड़ यूनिक क्रेडिट कार्ड यूजर हैं। इसके अलावा, यूपीआई यूजर्स की संख्या 35 करोड़ से भी अधिक है। Zerodha, Groww, Angel One और Groww जैसे डिजिटल इनवेस्टमेंट प्लेटफार्मों के माध्यम से आने वाले ज्यादातर रिटेल निवेशक आईपीओ में अप्लाई करने के लिए UPI रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इंटरनेशनल रिलेशन थिंक टैंक Carnegie द्वारा आयोजित ग्लोबल टेक समिट में अस्बे ने यह भी कहा कि भारत 50 से अधिक देशों के साथ UPI जैसी घरेलू डिजिटल पेमेंट सिस्टम बनाने में मदद करने के लिए बातचीत कर रहा है।
UPI पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा इंस्टेंट मोबाइल पेमेंट प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए हर महीने 11 अरब से अधिक ट्रांजेक्शन होते हैं। इन ट्रांजेक्शन का मूल्य 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि, कई विकसित देशों में डिजिटल पेमेंट के लिए अच्छी तरह से विकसित क्रेडिट कार्ड सिस्टम हैं। अधिकांश विकासशील देशों में इंस्टेंट मोबाइल पेमेंट और सेटलमेंट प्लेटफॉर्म नहीं है। भारत प्लेटफार्मों के निर्माण के लिए इनमें से कुछ देशों के साथ काम कर रहा है।