LIC के इश्यू के बाद IPO मार्केट में छा सकता है सन्नाटा, जानिए क्या है वजह

साल 2021 में कंपनियों ने आईपीओ से 1.18 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अमाउंट जुटाया था। इस साल सिर्फ छह कंपनियों ने आईपीओ पेश किए। उन्होंने कुल 8,500 करोड़ रुपये जुटाए। इनमें अडानी विल्मर, वेदांत फैशंस, एजीएस ट्रांजेक्ट टेक्नोलॉजी, वेदांता लर्निंग सॉल्यूशंस, कैंपस एक्टिववियर और रेनबॉ चिल्डेंस शामिल हैं

अपडेटेड Apr 29, 2022 पर 1:28 PM
54 कंपनियों को सेबी से आईपीओ पेश करने की इजाजत मिल चुकी है। ये कंपनियां करीब 75,000 करोड़ रुपये जुटाने वाली हैं।

LIC के इश्यू के बाद आईपीओ मार्केट में सन्नाटा छा सकता है। इसकी वजह यह है कि स्टॉक मार्केट में पिछले कुछ समय से बहुत उतार-चढ़ाव दिख रहा है। ऐसे में कंपनियां आईपीओ का प्लान कुछ समय के लिए टालना चाहती हैं। एलआईसी का आईपीओ 4 मई को खुल रहा है। यह 9 मई को बंद हो जाएगा।

इस हफ्ते कैंपस एक्विटववियर और रेनबॉ चिल्डेंस मेडिकेयर के आईपीओ बंद होंगे। अनलिस्टेड एरिना डॉट कॉम के को-फाउंडर मनन दोशी ने कहा, "पहले कई कंपनियां आईपीओ लाने की तैयार में थीं। लेकिन, अब कंपनियां 'वेट एंड वॉच' की स्ट्रेटेजी अपनाना चाहती हैं। इसकी वजह यह है कि मार्केट की स्थतियां अनिश्चित हैं। एलआईसी का इश्यू भी एक वजह है।"

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यूक्रेन-रूस में लड़ाई के चलते इंडियन स्टॉक मार्केट दबाव में है। उधर, दुनियाभर में बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा रहे हैं। फॉरेन इनवेस्टर्स की लगातार बिकवाली से भी निवेशक मायूस हैं। बीएसई सेंसेक्स अप्रैल में अब तक 1.8 फीसदी गिर चुका है। इस साल इसमें 1.2 फीसदी गिरावट आ चुकी है।

एलआईसी के आईपीओ का प्रोसेस पूरा होने और स्टॉक मार्केट की स्थितियां बदलने पर कंपनियां आईपीओ लॉन्च करना चाहती हैं। एक बैंकर ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, "लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन स्टार्टअप देल्हीवेरी और एपीआई होल्डिंग्स आईपीओ लाना चाहती हैं।" एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स आईपीओ में शेयर की कीमत को लेकर भी सावधानी बरत रहे हैं।

वन97 कम्युनिकेशंस, कारट्रेड और फिनो पेमेंट्स बैंक के आईपीओ ने इनवेस्टर्स को बहुत मायूस किया है। इन कंपनियों के शेयर के प्राइसेज इश्यू प्राइस से 20 से 70 फीसदी तक गिर चुके हैं। जोमैटो ओर एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स के शेयर अपने उच्चतम लेवल से 50 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिटेल रिसर्च हेड दीपक जसानी ने कहा, "अभी जो आईपीओ ओपन है, उनको लेकर इनवेस्टर्स का रिस्पॉन्स एक जैसा नहीं है। इनवेस्टर्स का रिस्पॉन्स दो चीजों पर डिपेंड करेगा-पहला क्यूआईबी पोर्शन में इश्यू कितना सब्सक्राइब होता है और दूसरा कि ग्रे मार्केट में प्रीमियम कितना चल रहा है।"

साल 2021 में कंपनियों ने आईपीओ से 1.18 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अमाउंट जुटाया था। इस साल सिर्फ छह कंपनियों ने आईपीओ पेश किए। उन्होंने कुल 8,500 करोड़ रुपये जुटाए। इनमें अडानी विल्मर, वेदांत फैशंस, एजीएस ट्रांजेक्ट टेक्नोलॉजी, वेदांता लर्निंग सॉल्यूशंस, कैंपस एक्टिववियर और रेनबॉ चिल्डेंस शामिल हैं।

एनालिस्ट्स का कहना है कि 54 कंपनियों को सेबी से आईपीओ पेश करने की इजाजत मिल चुकी है। ये कंपनियां करीब 75,000 करोड़ रुपये जुटाने वाली हैं। 50 कंपनियां सेबी से अपने आईपीओ की मंजूरी का इंतजार कर रही है। ये कंपनियां करीब 80,000 करोड़ रुपये जुटा सकती हैं।

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