ESDS Software IPO: ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के आईपीओ को निवेशकों को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। ओपन होने के दूसरे दिन सुबह 10:35 बजे तक यह आईपीओ 6.4 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। यह इश्यू 720 करोड़ रुपये का है। इस आईपीओ में सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) ने दिखाई है। इस कैटेगरी में यह इश्यू 17 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका है। सवाल है कि क्या आपको इस इश्यू में बोली लगानी चाहिए?
1 सितंबर तक आईपीओ में लगा सकते हैं बोली
ESDS Software Solutions का आईपीओ 28 अगस्त को खुला था। यह 1 सितंबर को बंद हो जाएगा। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई पर 4 सितंबर को लिस्ट होंगे। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 408-429 रुपये तय किया है। कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 27 अगस्त को 216 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बीते कुछ हफ्तों में आईपीओ बाजार में हलचल बढ़ी है। कई आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
ग्रे मार्केट में प्रति शेयर 335 रुपये का जीएमपी
ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के शेयर पर ग्रे मार्केट में 335 रुपये का प्रीमियम चल रहा है। यह जानकारी इनवेस्टरगेन के डेटा पर आधारित है। शेयर के प्राइस बैंड के 429 रुपये के ऊपरी लेवल पर इस प्रीमियम का मतलब है कि इस शेयर से करीब 78.09 फीसदी का लिस्टिंग गेंस हो सकता है। आईपीओ पेश करने वाली बहुत कम कंपनियों के शेयरों पर इतना जीएमपी देखने को मिलता है।
जीएमपी लिस्टिंग गेंस की गारंटी नही है
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स को यह समझ लेना जरूरी है कि जीएमपी से किसी शेयर की लिस्टिंग के बारे में सिर्फ एक संकेत मिलता है। यह लिस्टिंग गेंस की गारंटी नहीं है। साथ ही इससे कंपनी के फंडामेंटल्स यानी बुनियादी स्थिति का पता नहीं चलता है। इसलिए इनवेस्टर्स को सिर्फ लिस्टिंग गेंस की संभावना यानी GMP को देखकर किसी आईपीओ में बोली लगाने का फैसला नहीं करना चाहिए।
FY26 में 120 करोड़ रुपये नेट प्रॉफिट
ईएसडीएस सॉफ्टवेयर की शुरुआत 2005 में हुई थी। यह एआई-आधारित क्लाउड, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस ऑफर करती है। कंपनी ने FY26 में 2,500 से अधिक क्लाइंट्स को सेवाएं दी है। इनमें बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इश्योरेंस, पब्लिक सेक्टर कंपनियां, बिजनेसेज और एंटरप्राइजेज शामिल हैं। FY26 में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 472.21 करोड़ रुपये रहा। नेट प्रॉफिट 120.82 करोड़ रुपये रहा।
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