Get App

IPO Oversubcription: क्या आप भी ओवरसब्सक्रिप्शन देखकर आईपीओ में इनवेस्ट करते हैं? जानिए ओवरसब्सक्रिप्शन के पीछे की असल वजह

कई इनवेस्टर्स आईपीओ के ओवरसब्सक्राइब्ड होने के बाद उसमें निवेश का फैसला लेते हैं। खासकर एसएमई आईपीओ में यह ओवरसब्सक्रिप्शन आर्टिफिशियल होता है। आम निवेशकों को इस बारे में पता नहीं होता है। मुश्किल तब होती है जब लिस्टिंग के बाद शेयरों की कीमतें क्रैश कर जाती हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 30, 2025 पर 11:05 AM
IPO Oversubcription: क्या आप भी ओवरसब्सक्रिप्शन देखकर आईपीओ में इनवेस्ट करते हैं? जानिए ओवरसब्सक्रिप्शन के पीछे की असल वजह
एसएमई आईपीओ में दिलचस्पी की वजह इसकी एक्सेसिबिलिटी रही है। इसमें टिकट साइज छोटा होता है और तेज ग्रोथ की संभावना होती है।

आईपीओ कंपनियों के सफर में एक अहम पड़ाव है। इससे कंपनी प्राइवेट से पब्लिक बन जाती है। बड़े आईपीओ मीडिया के फोकस में रहते हैं, लेकिन स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) आईपीओ से आर्थिक लोकतंत्र का माहौल बना है। इससे छोटी कंपनियों की पहुंच पूंजी बाजार तक बनी है।

आर्टिफिशियल ओवरसब्सक्रिप्शन बड़ी समस्या

हालांकि, इस ग्रोथ के साथ एक समस्या भी पैदा हुई है, जो आर्टिफिशियल ओवरसब्सक्रिप्शन का है। इसके पीछे कर्ज लेकर निवेश करने वाले रिटेल इनवेस्टर्स, स्पेकुलेटिव विहेबियर और इंटरमीडियरीज के प्रैक्टिसेज हैं, जिन पर सवाल पैदा होता है। इससे आईपीओ पेश करने का मकसद पीछे रह जाता है और इश्यू पूंजी जुटाने के माध्यम की जगह स्पेकुलेटिव इंस्ट्रूमेंट्स बनकर रह जाते हैं।

उधार के पैसे से निवेश से इश्यू हो रहे ओवरसब्सक्राइब्ड

सब समाचार

+ और भी पढ़ें