Jio Platforms IPO: ब्रोकरेज पॉजिटव, ₹30213 करोड़ का इश्यू 'सब्सक्राइब' करने की सलाह

Jio Platforms IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा

अपडेटेड Oct 19, 2026 पर 1:22 PM
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Jio Platforms की लिस्टिंग NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को हो सकती है।

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के ₹30,213 करोड़ के IPO के लिए इंतजार की घड़ियां इस हफ्ते खत्म होने वाली हैं। इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की किसी कंपनी का IPO आ रहा है। यह साइज के मामले में देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है। प्राइस बैंड ₹1065-₹1119 प्रति शेयर है। लॉट साइज 12 शेयर है। IPO में 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। कंपनी की लिस्टिंग NSE और BSE पर 28 अक्टूबर को हो सकती है। एंकर निवेशक IPO में 19 अक्टूबर को बोली लगा सकते हैं।

एनालिस्ट्स ने निवेशकों को जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। टेलीकॉम कारोबार में कंपनी की विकास संबंधी महत्वाकांक्षाओं और ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सर्विसेज और आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्रों में इसके विस्तार की योजनाओं को देखते हुए, ब्रोकरेज इसे लेकर पॉजिटिव है।

Brokerages on Jio Platforms IPO


पॉजिटिव रुख के पीछे कारण

  • जून 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स के पास 53.33 करोड़ ग्राहक थे और भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत थी।
  • जियो के पास 26,800.8 MHz के साथ भारत का सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक है।
  • कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन ने भी इस सकारात्मक माहौल को और मजबूत किया है। वित्त वर्ष 2016 से वित्त वर्ष 2026 के बीच, जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये और EBITDA बढ़कर 73,400 करोड़ रुपये हो गया।
  • मोबाइल कनेक्टिविटी के अलावा, जियो होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और AI-बेस्ड सर्विसेज को भी बढ़ा रही है। कंपनी अपने टेलीकॉम प्लान्स में OTT एंटरटेनमेंट, क्लाउड स्टोरेज, गेमिंग और AI-बेस्ड सर्विसेज को एक साथ (बंडल करके) देने पर भी जोर दे रही है।
  • जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर के जरिए कंपनी भारत में फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की कम पहुंच का फायदा उठाने की स्थिति में है। जून 2026 तक, कंपनी के पास 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक थे।
  • जियो ने अपना खुद का (Proprietary) 5G स्टैंडअलोन स्टैक विकसित किया है और 4G, 5G, 6G, AI व डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं।

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Jio IPO के लिए ब्रोकरेज के तर्क

फिलिपकैपिटल का कहना है, "2016 में अपनी शुरुआत के बाद से, जियो प्लेटफॉर्म्स ने आक्रामक कीमतों और अलग तरह की पेशकशों के जरिए पिछले एक दशक में भारत के टेलीकॉम लैंडस्केप को पूरी तरह बदल दिया है। हमारी राय में, टैरिफ से होने वाली संभावित कमाई में बढ़ोतरी, ARPU (प्रति यूजर औसत रेवेन्यू) में बढ़ोतरी और कई नई डिजिटल-सेवाओं से मिलने वाले रेवेन्यू का मेल, कमाई को तेजी से बढ़ाने के लिए पर्याप्त गुंजाइश देता है। इससे भविष्य के नजरिए से IPO की वैल्यूएशन आकर्षक हो जाती है।"

एमके ग्लोबल के मुताबिक, Jio प्लेटफॉर्म्स की मार्केट लीडरशिप, प्राइसिंग पावर, ग्रोथ के अवसर और काम करने के बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए, इस इश्यू की कीमत उचित है। जैसे-जैसे 5G इनवेस्टमेंट साइकिल पूरी होगी, कैश जनरेशन और मजबूत होगा।"

SBICAPS के अनुसार, इश्यू की कीमत कंपनी के बड़े पैमाने, कमाई में बढ़ोतरी, तकनीकी क्षमताओं और लंबे समय में पैसा कमाने की क्षमता को दर्शाती है। उधार चुकाने की योजना से कंपनी पर कर्ज का बोझ और फाइनेंस कॉस्ट कम होने की उम्मीद है। इससे कैश फ्लो मजबूत होगा और भविष्य के निवेश के लिए वित्तीय लचीलापन (Financial Flexibility) मिलेगा।"

RIL के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी

​रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेटा के पास 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं गूगल की 7.73 प्रतिशत, सऊदी अरेबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 प्रतिशत, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 प्रतिशत, सिल्वर लेक की 1.88 प्रतिशत, मुबादला की 1.85 प्रतिशत, जीए सिंगापुर की 1.34 प्रतिशत, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 प्रतिशत और टीपीजी कैपिटल की 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NIIs) के लिए और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रहेगा।

Disclaimer:मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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