जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुल गया। खुलने के कुछ ही मिनट में यह इश्यू पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। यह इश्यू 23 अक्तूबर को बंद हो जाएगा। शेयर बीएसई और एनएसई पर 28 अक्तूबर को लिस्ट होंगे। सवाल है कि इस शेयर से कितना लिस्टिंग गेंस हो सकता है और लंबी अवधि के लिए यह शेयर कैसा रहेगा?
28 अक्टूबर को अच्छे लिस्टिंग गेंस की उम्मीद
चोला सिक्योरिटीज में इक्विटी एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड धर्मेश कांत ने सीएनबीसी-आवाज से बातचीत में कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स का लिस्टिंग गेंस 15-20 फीसदी रह सकता है। उन्होंने इनवेस्टर्स के लिए जियो और भारती एयरटेल दोनों ही कंपनियों के शेयरों को अच्छा बताया। ये दोनों देश की दो सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियां हैं।
जियो के आईपीओ को 'सब्सक्राइब' रेटिंग
उन्होंने कहा, "हमने जियो के आईपीओ पर 'सब्सक्राइब' की रेटिंग दी है। हमें 15-20 फीसदी लिस्टिंग गेंस की उम्मीद है।" उन्होंने कहा कि भारती एयरटेल के मुकाबले जियो का 12-15 फीसदी का डिस्काउंट सही है। इसकी वजह दोनों के ग्रोथ रेट्स के बीच का फर्क है। भारती एयरटेल की ग्रोथ करीब 20-22 फीसदी है, जबकि जियो ने एनालिस्ट कॉन्फ्रेंस में करीब 15-17 फीसदी ग्रोथ का गाइडेंस दिया है।
जियो के आईपीओ को पहले दिन जबर्दस्त रिस्पॉन्स
कांत ने कहा कि लिस्टिंग गेंस के बाद जियो के प्राइस में इम्प्रूवमेंट्स से इसकी 15-17 फीसदी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने कहा कि जो इनवेस्टर्स टेलीकॉम सेक्टर पर दांव लगाना चाहते हैं उन्हें जियो और भारती एयरटेल दोनों ही शेयरों पर विचार करना चाहिए। जियो के आईपीओ का निवेशकों को लंबे समय से इंतजार था। इसे इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिलता दिख रहा है।
एंकर इनवेस्टर्स ने भी दिखाई ज्यादा दिलचस्पी
आईपीओ से पहले जियो ने 212 एंकर इनवेस्टर्स से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए हैं। ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इनवेस्टमेंट्स, टी रोवे प्राइस, जेपी मॉर्गन स्टेट मैनेजमेंट और फ्रैंकलिन टेंपलटन जैसे दिग्गज इनवेस्टर्स ने जियो के शेयरों में निवेश किया। ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों पर 22-23 फीसदी प्रीमियम चल रहा है।
इश्यू में सिर्फ नए शेयर इश्यू करेंगी कंपनी
जियो अपने आईपीओ में इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर इश्यू करेगी। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है। इसका मतलब है कि जियो के पुराने इनवेस्टर्स आईपीओ में अपने शेयर नहीं बचेंगे। गूगल और मेटा जैसी दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों ने जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया है।