Jio Platforms IPO: जानिए जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की ओपनिंग और लिस्टिंग की तारीख क्या होगी

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस साल जून में सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। सेबी ने 28 अगस्त को इस आईपीओ पर अपना ऑब्जर्वेशन दे दिया था। इससे आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया था। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होगा

अपडेटेड Oct 03, 2026 पर 11:21 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
रिलायंस जियो इंफोकॉम जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलीकॉम यूनिट है। इस साल मार्च के अंत में कंपनी के 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे।

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स इस महीने आईपीओ पेश कर सकती है। कंपनी ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि फॉरेन इनवेस्टर्स से इस आईपीओ को लेकर पॉजिटिव फीडबैक मिले हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल होल्डिंग कंपनी है। देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो इसके तहत आती है।

एंकर इनवेस्टर्स के लिए 19 अक्तूबर को खुल सकता है IPO

Jio Platforms का आईपीओ 21 अक्तूबर को खुल सकता है। इनवेस्टर्स आईपीओ में 23 अक्तूबर तक बोली लगा सकते हैं। एंकर इनवेस्टर्स के लिए आईपीओ 19 अक्तूबर को खुल सकता है। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग 28 अक्तूबर को हो सकती है। सितंबर में एनएसई का आईपीओ आया था। यह देश का अब तक का दूसरा सबसे पड़ा आईपीओ था।


आईपीओ से जुड़ा  रेगुलटरी प्रोसेस पूरा हो चुका है

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया, "जियो आईपीओ लॉन्च करने के काफी करीब है। हालांकि, बाजार की स्थितियों और ग्लोबल डेवलपमेंट्स का असर आईपीओ की टाइमिंग पर पड़ सकता है।" सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आईपीओ से जुड़ा रेगुलेटरी प्रोसेस पूरा हो गया है। सभी जरूरी एप्रूवल मिल चुके हैं।

फॉरेन इनवेस्टर्स में आईपीओ को लेकर काफी उत्साह

मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि जियो ने फॉरेन इनवेस्टर्स से आईपीओ के बारे में बातचीत की है। उनका रिस्पॉन्स पॉजिटिव रहा। घरेलू निवेशकों की दिलचस्पी भी इस आईपीओ में उम्मीद से ज्यादा दिख रही है। दूसरे सूत्र ने बताया कि मार्केट की स्थितियों पर करीबी नजर रखी जा रही है। लेकिन, इनवेस्टर्स ने संकेत दिए हैं कि आईपीओ में बोली लगाने के उनके उत्साह पर किसी तरह का असर पड़ने वाला नहीं है।

कंपनी ने जून में सेबी के पास फाइल किए थे पेपर्स 

जियो प्लेटफॉर्म्स ने इस साल जून में सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया था। सेबी ने 28 अगस्त को इस आईपीओ पर अपना ऑब्जर्वेशन दे दिया था। इससे आईपीओ के लिए रास्ता साफ हो गया था। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी आईपीओ में इनवेस्टर्स को सिर्फ नए शेयर इश्यू करेगी। पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर नहीं बेचेंगे।

अगले हफ्ते हो सकता है प्राइस बैंड के बारे में फैसला 

कंपनी आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। रिलायंस जियो इंफोकॉम पर करीब 27,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। अभी आईपीओ के प्राइस बैंड और वैल्यूएशन के बारे में फैसला होना बाकी है। अगले हफ्ते प्राइस बैंड के बारे में फैसला हो सकता है। सूत्र ने कहा, "कंपनी का मानना है कि कंपनी के आईपीओ में निवेश करने वाले इनवेस्टर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन होनी चाहिए।"

यह भी पढ़ें: IPOs This Week: 5 अक्टूबर से शुरू हफ्ते में केवल एक नया इश्यू, पर लिस्टिंग्स की भरमार; 29 कंपनियों के शेयर करेंगे शुरुआत

रिलायंस जियो इंंफोकॉम देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

रिलायंस जियो इंफोकॉम जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलीकॉम यूनिट है। इस साल मार्च के अंत में कंपनी के 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स थे। इस लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इसके 5जी ग्राहकों की संख्या 26.8 करोड़ है। यह कंपनी चीन को छोड़ दें तो फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस ऑफर करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।