Jio Platforms IPO: साइज, वैल्यूएशन से लेकर फंड के इस्तेमाल और कंपनी की वित्तीय सेहत तक, 10 पॉइंट में पूरी डिटेल
Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 15.1 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 30,000 करोड़ रुपये रहा। जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लेकर आ रही है
Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने अपने प्रस्तावित IPO के लिए 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के तहत आने वाली जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कर दिया है। इस IPO का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। यह देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू साबित हो सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की कोई कंपनी लगभग दो दशकों यानि कि 20 साल बाद IPO लेकर आ रही है। आइए जानते हैं जियो IPO से जुड़ी खास बातें...
साइज
जियो प्लेटफॉर्म्स अपने पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी करीब 4 अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है।
वैल्यूएशन
इस IPO की बदौलत कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 137 अरब डॉलर आंकी गई है।
Jio IPO में कितने नए शेयर
19 जून को रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना आम बैठक के दौरान चेयरमैन मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि Jio Platforms को अपने प्रस्तावित IPO के लिए बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, इश्यू में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी करने की योजना है।
बुक रनिंग लीड मैनेजर
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में Jio Platforms ने घोषणा की कि उसने अपने प्रस्तावित IPO के लिए 19 इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) के तौर पर नियुक्त किया है। इस ऑफर के लिए BRLM हैं- कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, BofA सिक्योरिटीज इंडिया, एक्सिस कैपिटल, BNP पारिबा, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, CLSA इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, DAM कैपिटल एडवाइजर्स, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, HDFC बैंक, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज (पहले IIFL सिक्योरिटीज), जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, JM फाइनेंशियल, JP मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और 360 ONE WAM।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार
जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार में टेलिकॉम, डिजिटल सर्विसेज, उद्यम समाधान और उभरते टेक्नोलॉजी इनीशिएटिव शामिल हैं। इसकी टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (आरजेआईएल) देश में सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनियों में से एक है।
कैसे बन सकता है देश का सबसे बड़ा IPO
Jio का पब्लिक इश्यू भारत में अब तक का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। भारत में अभी तक सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू Hyundai Motor India का रहा है। यह अक्टूबर 2024 में आया था और इसका साइज 27,858.75 करोड़ रुपये या 294.97 करोड़ डॉलर रहा था। अब जियो लगभग 37,700 करोड़ रुपये का IPO लेकर आ रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी की टेलिकॉम यूनिट रिलायंस जियो इंफोकॉम के कर्ज को कुछ हद तक या पूरी तरह चुकाने के लिए और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कहा जा रहा है कि करीब 27,500 करोड़ रुपये रिलायंस जियो इंफोकॉम का कर्ज चुकाने में लग सकते हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स की वित्तीय सेहत
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 14.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1.47 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 15.1 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 30,000 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 18.8 प्रतिशत बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया।
कितने ग्राहक
वित्त वर्ष 2025-26 में Jio के ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही। जियो 5G के सब्सक्राइबर्स की संख्या 26.8 करोड़ है। 2030 तक सभी यूजर्स को 5G पर लाने का लक्ष्य है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास कितनी हिस्सेदारी
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मेटा के पास 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वहीं गूगल की 7.73 प्रतिशत, सऊदी अरेबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 प्रतिशत, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 प्रतिशत, सिल्वर लेक की 1.88 प्रतिशत, मुबादला की 1.85 प्रतिशत, जीए सिंगापुर की 1.34 प्रतिशत, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 प्रतिशत और टीपीजी कैपिटल की 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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