ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का ₹1,055.74 करोड़ का IPO 90.59 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो चुका है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 215.37 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 87.74 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 20.51 गुना भरा। इश्यू 8 सितंबर को खुला था और 10 सितंबर को बंद हुआ। अब कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 16 सितंबर को लिस्ट होने वाले हैं।
ग्रे मार्केट की मानें तो लिस्टिंग अच्छे गेन के साथ होने की उम्मीद है। ग्रे मार्केट में शेयर 38.61 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। यह एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि ग्रे मार्केट के संकेत सच ही हो जाएं।
कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के पब्लिक इश्यू में ₹300 करोड़ के 47.47 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही ₹755.74 करोड़ के 1.20 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहा। प्राइस बैंड ₹601-₹632 प्रति शेयर था। इश्यू की ओपनिंग से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹316.72 करोड़ जुटाए। कंपनी अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाली कमाई का इस्तेमाल पूंजीगत खर्च के लिए, वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
क्या करती है Kanohar Electricals
Kanohar Electricals पावर ट्रांसमिशन, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसे उद्योगों की जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी दो बिजनेस सेगमेंट के जरिए काम करती है: (i) ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग और (ii) इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC)। यह भारत की उन 4 मैन्युफैक्चरर्स में से एक है, जिन्हें 100 MVA 132 kV स्कॉट ट्रांसफॉर्मर बनाने के लिए रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) से सर्टिफिकेशन मिला है। RDSO भारतीय रेलवे की रिसर्च और डेवलपमेंट शाखा है। उत्तर प्रदेश की कनोहर इलेक्ट्रिकल्स के प्रमोटर दिनेश सिंघल, आदेश सिंघल, विवेक सिंघल, अभिषेक सिंघल, विराट सिंघल और आदित्य सिंघल हैं।
16 साल बाद शेयर मार्केट में वापसी फिर कर रही है एंट्री
कनोहर इलेक्ट्रिकल्स 16 साल बाद शेयर बाजार में वापसी कर रही है। यह पहले 1995 में लिस्ट हुई थी लेकिन फिर 2010 में अपनी मर्जी से डीलिस्ट हो गई। कंपनी की ओर से जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में कहा गया, "हमारी कंपनी के इक्विटी शेयर पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज एसोसिएशन लिमिटेड (अब DSE एस्टेट्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) और उत्तर प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज एसोसिएशन लिमिटेड (अब U.P. स्टॉक एंड कैपिटल लिमिटेड के नाम से जाना जाता है) पर क्रमशः 13 नवंबर 1995, 1 नवंबर 1995 और 31 अक्टूबर 1995 को लिस्ट हुए थे। लेकिन, बाद में कम लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण, कंपनी के इक्विटी शेयरों को BSE, दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज और उत्तर प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज से क्रमशः 12 जुलाई 2010, 30 अगस्त 2010 और 20 अक्टूबर 2010 से स्वेच्छा से डीलिस्ट करा लिया गया था।"
Kanohar Electricals की वित्तीय सेहत
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 45 प्रतिशत बढ़कर 662.86 करोड़ रुपये हो गया। शुद्ध मुनाफा 99 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 129.73 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 39 करोड़ रुपये की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू 457.30 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 65.12 करोड़ रुपये था।
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