Suraksha Diagnostic IPO : पश्चिम बंगाल स्थित डायग्नोस्टिक चेन सुरक्षा डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड आईपीओ लाने की तैयारी में है। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 100 मिलियन डॉलर यानी लगभग 800 करोड़ रुपये तक जुटाने का है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। सूत्रों ने कहा कि डायग्नोस्टिक चेन के प्राइवेट इक्विटी इनवेस्टर ऑर्बीमेड (OrbiMed) आईपीओ के माध्यम से अपनी बड़ी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सूत्र ने आगे बताया, "आईपीओ पर काम पहले ही शुरू हो चुका है। इनवेस्टमेंट बैंक ICICI सिक्योरिटीज कंपनी को लिस्ट करने की योजना पर सलाह दे रहा है।"
सूत्र ने कहा, "अभी तक योजना एक आईपीओ के लिए है जो काफी हद तक मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) होगी। इसमें ऑर्बीमेड के सबसे बड़े सेलर होने की संभावना है। नंबर्स पर अभी भी काम किया जा रहा है।" रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास दाखिल दस्तावेजों से पता चलता है कि ऑर्बीमेड की सुरक्षा में करीब 35 फीसदी हिस्सेदारी है। ऑर्बीमेड और सुरक्षा डायग्नोस्टिक्स प्रमोटरों को भेजे गए ईमेल का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
ग्लोबल हेल्थकेयर इनवेस्टमेंट फर्म है OrbiMed
OrbiMed एक ग्लोबल हेल्थकेयर इनवेस्टमेंट फर्म है जिसका एसेट अंडर मैनेजमेंट 17 अरब डॉलर से अधिक है। यह अपने प्राइवेट इक्विटी फंड, पब्लिक इक्विटी फंड और रॉयल्टी/क्रेडिट फंड के माध्यम से स्टार्ट-अप से लेकर बड़े मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन तक स्वास्थ्य हेल्थकेयर इंडस्ट्री में निवेश करता है। भारत में ऑर्बीमेड के निवेश में हेल्थकेयर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म एंटरो हेल्थकेयर सॉल्यूशंस, जेनेरिक फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मेकर मार्कसंस फार्मा, डी2सी आयुर्वेदिक न्यूट्रिशन ब्रांड Kapiva और स्टेम सेल बैंक रीप्रोडक्टिव डायग्नोस्टिक सॉल्यूशन प्रोवाइडर लाइफसेल शामिल हैं। पिछले महीने, ऑर्बिमेड ने 1600 करोड़ रुपये के एंटरो हेल्थकेयर सॉल्यूशंस आईपीओ में 480 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे कंपनी में उसकी 57 फीसदी हिस्सेदारी का लगभग एक तिहाई हिस्सा बिक गया।
Suraksha Diagnostic के बारे में
सुरक्षा डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड साल 2005 में इनकॉर्पोरेट हुई है। कंपनी के प्रमोटर किशन केजरीवाल और डॉ सोमनाथ चटर्जी हैं। यह कंपनी पैथोलॉजी, कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी और इमेजिंग में डायग्नोस्टिक सर्विसेज प्रदान करती है। डायग्नोस्टिक सेंटर मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में ऑपरेट होती है, जिसके राज्य में 40 से अधिक सेंटर हैं, साथ ही पटना और गुवाहाटी में एक-एक सेंटर है।
आईपीओ के सीजन में कई हेल्थकेयर कंपनियों ने इसके जरिए फंड जुटाने और मार्केट में लिस्ट होने का विकल्प चुना है। इसके पहले, जीपीटी हेल्थकेयर ने फरवरी में 525 करोड़ रुपये जुटाए, जबकि ज्यूपिटर लाइफ लाइन हॉस्पिटल्स ने सितंबर के आईपीओ से 542 करोड़ रुपये जुटाए। जुलाई में नोएडा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज लिमिटेड ने अपने आईपीओ के जरिए 686 करोड़ रुपये जुटाए थे। इंश्योरेंस थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर मेडी असिस्ट हेल्थकेयर जनवरी में पब्लिक हुआ।