Landmark Cars IPO Subscription Status: प्रीमियम और लग्जरी ऑटो ब्रांड की डीलर कंपनी लैंडमार्क कार्स (Landmark Cars) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को बुधवार 14 दिसंबर को बोली खुलने के दूसरे दिन भी निवेशकों से कमजोर रिस्पॉन्स मिला। कंपनी ने अपने IPO के तहत कुल 80.41 लाख शेयरों को बिक्री के लिए रखा है, जिसके बदल में उसे अभी तक निवेशकों से सिर्फ 28.50 लाख शेयरों के लिए बोली मिली है। इस तरह Landmark Cars का आईपीओ दूसरे दिन तक सिर्फ 35% सब्सक्राइब हुआ है। रिटेल निवेशकों ने अपने आरक्षित शेयरों का अभी तक करीब 32% हिस्सा सब्सक्राइब किया है।
वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के कोटे में कंपनी को अभी तक करीब 76% सब्क्रिप्शन मिला है। जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा अभी तक सिर्फ 9 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। कर्मचारियों के लिए आरक्षित शेयरों का हिस्सा अभी तक 1.94 गुना अधिक सब्सक्राइब हुआ है। Landmark Cars ने करीब 1 करोड़ रुपये के शेयर अपने कर्मचारियों के लिए आरक्षित किए हैं, जो उन्हें इश्यू प्राइस से डिस्काउंट पर यानी 48 रुपये पर मिलेगा।
कंपनी ने IPO के तहत रखे शेयरों का 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा है। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 50% हिस्सा आरक्षित रखा गया है। जबकि बाकी 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशन इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित रखा गया है।
15 दिसंबर तक लगा सकते हैं बोली
Landmark Cars अपने IPO से करीब 552 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। इसमें से 150 करोड़ रुपये के कंपनी ने नए शेयर जारी किए हैं। वहीं करीब 402 करोड़ के शेयरों को इसके मौजूदा प्रमोटरों और शेयरधारकों की तरफ से बिक्री के लिए रखा है। कंपनी के शेयरों का इश्यू प्राइस 481-506 रुपये है और इसके लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख गुरुवार 15 दिसंबर है।
Landmark Cars IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP)
अनलिस्टेड मार्केट में लैंडमार्क कार्स के शेयर आज 20 रुपये के GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर कारोबार कर रहे थे। हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर फैसला लेना चाहिए।
लैंडमार्क कार्स के कार के बारे में
Landmark Cars मर्सिडीज-बेंज, होंडा, जीप, फोक्सवैगन और रेनॉ की डीलर कंपनी है। इसके साथ ही भारत में अशोक लीलैंड के साथ कंपनी की कमर्शियल व्हीकल डीलरशिप है। नई गाड़ियों की बिक्री के साथ रिटेल वैल्यू चेन भी है। कंपनी आफ्टर सेल्स सर्विस और रिपेयर, सेकेंड हैंड गाड़ियों की बिक्री के साथ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रोडक्ट भी बेचने में मदद करती है। कंपनी का फोकस प्रीमियम और लग्जरी ऑटोमोटिव सेगमेंट पर है। क्रिसिल रिसर्च को उम्मीद है कि फिस्कल ईयर 2022 से फिस्कल ईयर 2027 के बीच कंपनी के प्रीमियम सेगमेंट की ग्रोथ 10-12% CAGR से होगी।
Landmark Cars के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2021-22 में सालाना आधार पर इसका रेवेन्यू 52 फीसदी की उछाल के साथ 2989 करोड़ रुपये पर रहा जबकि नेट प्रॉफिट इसी अवधि में 6 गुना बढ़कर 66 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जून 2022 तिमाही में कंपनी को 802 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 18 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हासिल हुआ।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।