LIC IPO में एंकर इनवेस्टर्स (Anchor Investors of LIC) का कोटा सोमवार (2 मई) को ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। एलआईसी ने स्टॉक एक्सचेंजों को यह जानकारी दी है। कंपनी ने बताया है कि एंकर पोर्शन का 71 फीसदी इनवेस्टमेंट म्यूचुअल फंडों की तरफ से आया। एलआईसी ने कुल 123 एंकर इनवेस्टर्स को करीब 5.93 करोड़ शेयर एलॉट किए। यह एलॉटमेंट प्रति शेयर 949 रुपये के भाव पर किया गया।
कई बड़े विदेशी इनवेस्टर्स ने एलआईसी के आईपीओ में इनवेस्ट किया। इनमें गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर, गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल, बीएनपी इनवेस्टमेंट्स एलएलसी, मॉनेटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर और सोसायटे जनरल शामिल थे। इनके अलावा इनवेस्को इंडिया और सेंट कैपिटल फंड ने भी इस आईपीओ में निवेश किए।
इस आईपीओ में डोमेस्टिक इनवेस्टर्स भी खूब निवेश किया। इनमें एसबीआई म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एलएंडटी म्यूचुअल फंड, टाटा इनवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन, यूटीआई म्यूचुअल फंड, सुंदरम म्यूचुअल फंड, आईडीएफसी एमएफ और बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस शामिल हैं।
LIC ने बीएसई को बताया है, "कुल एलॉटमेंट में से 4.21 करोड़ शेयर 15 म्यूचुअल फंडों को एलॉट किए गए।" यह इश्यू दूसरे इनवेस्टर्स के लिए 4 मई यानी बुधवार को खुलेगा। कंपनी 21,000 करोड़ रुपये इस इश्यू से जुटाने जा रही है। इसमें से 5,630 करोड़ रुपये एंकर इनवेस्टर्स से जुटाए जा रहे हैं। 5.92 करोड़ शेयर एंकर इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखे गए थे।
सेबी ने सरकार को एलआईसी में 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की इजाजत दी है। पहले सरकार इस कंपनी में अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहती थी। लेकिन, पिछले कुछ महीनों में हालात में आए बदलाव (यूक्रेन क्राइसिस, इंटरेस्ट रेट में वृद्धि) के बाद सरकार ने इश्यू का आकार घटाने का फैसला किया।
सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेच रही है। आईपीओ का 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। 0.7 फीसदी हिस्सा एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व है। 31.25 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
रिटेल इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। पॉलिसीहोल्डर्स के लिए 60 रुपये का डिस्काउंट है। इन कैटेगरी में मैक्सिमम 2 लाख रुपये मूल्य के शेयरों के लिए बोली लगाई जा सकती है। इसका मतलब है कि डिस्काउंट के बाद 230 शेयरों तक के लिए अप्लाई किया जा सकता है।