Delhivery IPO : लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन स्टार्टअप डेल्हीवरी लि. का आईपीओ 11 मई को खुलने और 13 मई को बंद होने की संभावना है। दो वरिष्ठ बैंकरों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी देते हुए कहा कि बाजार के हालात को देखते हुए कंपनी ने अपने आईपीओ का साइज लगभग 30 फीसदी घटा दिया है। वहीं बड़े इनवेस्टर्स से जुड़े ओएफएस पोर्शन में भी कमी की जा सकती है।
19 मई को अलॉटमेंट होगा और 23 मई को डीमैट अकाउंट (demat account) में शेयर पहुंच जाएंगे। एक बैंकर ने कहा, कंपनी के शेयर 24 मई को एक्सचेंज में लिस्ट हो जाएंगे।
Delhivery ने घटाया आईपीओ का साइज
इससे पहले डेल्हीवरी की अपने IPO का साइज 7,460 करोड़ रुपए रखने की योजना थी, जिसे घटाकर 5,235 करोड़ रुपए कर दिया गया है। गुड़गांव बेस्ड स्टार्टअप ने IPO पर चर्चा के लिए शनिवार को बोर्ड की बैठक की थी। एक अन्य बैंकर ने कहा, कंपनी नए इश्यू जारी करके 4,000 करोड़ रुपये जुटाएगी और ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिये 1,235 करोड़ रुपये के शेयर बेचेगी।
किसका ओएफएस कितना होगा कम
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, Delhivery के इनवेस्टर्स में शामिल सॉफ्टबैंक और कार्लाइल अपने ओएफएस में 30-40 फीसदी की कमी कर सकती हैं ओएफएस का साइज 2,460 करोड़ रुपये से घटकर 1,300-1,400 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सूत्रों ने कहा कि कंपनी इस सप्ताह सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर सकती है।
बैंकर्स के मुताबिक, ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी कंपनी कार्लाइल अपने ओएफएस पोर्शन को 920 करोड़ रुपये से घटाकर 500 करोड़ रुपये, जबकि सॉफ्टबैंक 750 करोड़ रुपये से घटाकर 400 करोड़ रुपये कर सकती है।
कोफाउंडर्स भी ओएफएस में होंगे शामिल
Delhivery के कोफाउंडर्स भी इस ओएफएस में भाग लेंगे। कपिल भारती 5 करोड़ रुपये, मोहित टंडन 40 करोड़ रुपये और सूरज सहारन 6 करोड़ रुपये तक के शेयर बेचने जा रहे हैं। इस इश्यू से मिली धनराशि को अधिग्रहण और अन्य रणनीतियों के जरिए कंपनी की ऑर्गैनिक और इनऑर्गैनिक ग्रोथ से जुड़ी योजनाओं में इस्तेमाल किया जाएगा।
कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टैनली इंडिया, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इस शेयर सेल का प्रबंधन कर रही हैं।
कंपनी में किसकी है कितनी हिस्सेदारी
कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक सॉफ्टबैंक होल्डिंग के पास 22.78 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं नेक्सस वेंचर्स के पास 9.23 फीसदी और सीआई स्विफ्ट होल्डिंग्स (कार्लाइल) के पास 7.42 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी में कपिल भारती की 1.11 फीसदी, मोहित टंडन की 1.88 फीसदी और सूरज सहारन की 1.79 फीसदी हिस्सेदारी है।