8 और कंपनियां बाजार में अपने आईपीओ लाने के लिए तैयार हैं। इनके आईपीओ आवेदन को सेबी से मंजूरी मिल गई है। हालांकि Inox Green Energy Services ने अपने IPO प्लान से पीछे हटने का फैसला किया है। कंपनी ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए सेबी में दाखिल किए गए ड्रॉफ्ट पेपर को वापस ले लिया है।
आईपीओ लाने के लिए तैयार इन कंपनियों में लाइफस्टाइल उत्पादों से जुड़ी कंपनी फैबइंडिया (FabIndia,विशेष प्रकार की रसायन बनाने वाली एथर इंडस्ट्रीज (Aether Industries),सिरमा एसजीएस टेक्नोलॉजी (Syrma SGS Technology),एशियानेट सैटेलाइट कम्युनिकेशंस (Asianet Satellite Communications),सनातन टेक्सटाइल्स (Sanathan Textiles,कैपिलरी टेक्नोलॉजीज (Capillary Technologies),हर्षा इंजीनियर्स इंटरनेशनल लिमिटेड (Harsha Engineers) और इनफीनियन बॉयोफार्मा (Infinion Biopharma) के नाम शामिल हैं।
बता दें कि लाइफस्टाइल उत्पादों से जुड़ी कंपनी फैबइंडिया ने इसी साल जनवरी में आईपीओ की अर्जी दाखिल की थी। इस आईपीओ में 500 करोड़ रुपए का फ्रेश इश्यू और 2.5 इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल होगा। इस ऑफर-फॉर-सेल के तहत कंपनी के प्रमोटर ग्रुप, प्रेमजी इनवेस्ट, बजाज होल्डिंग्स एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड, निलेकणि परिवार, कोटक इंडिया एडवांटेज फंड आदि अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
सूत्रों ने बताया कि इस आईपीओ के लिए ICICI सिक्योरिटीज, क्रेडिट सुइस, जेपी मॉर्गन, नोमुरा, इक्विरस कैपिटल और SBI कैपिटल को इनवेस्टमेंट बैंकर के रूप में नियुक्त किया गया है। वहीं AZB एंड पार्टनर्स और शर्दुल अमरचंद मंगलदास को लीगल एडवाइज के तौर पर नियुक्त किया गया है।
Capillary Technologies India एक आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड क्लाउड नेटिव सॉफ्टवेयर-एस-ए-सॉल्यूशन (एसएएएस) प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी है। कंपनी अपने आईपीओ के जरिये 850 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें 200 करोड़ रुपये के नए इश्यू और प्रमोटर कैपिलरी टेक्नोलॉजिस इंटरनेशनल प्रा. लि. (सीटीआईपीएल) का 650 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है। सीटीआईपीएल के पास कंपनी की 98.06 फीसदी हिस्सेदारी है। इश्यू से मिली धनराशि को डेट के भुगतान, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और अन्य ग्रोथ इनीशिएटिव के अलावा स्ट्रैटजिक इनवेस्टमेंट व अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
बियरिंग केज बनाने वाली कंपनी Harsha Engineers International को भी सेबी से आईपीओ की मंजूरी मिली है। कंपनी की इस आईपीओ के जरिए 755 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है। आईपीओ में 455 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू होगा जबकि इसके ऑफर फॉर सेल वाले हिस्से के तहत वर्तमान शेयरधारक 300 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री करेंगे। इस आईपीओ से मिले पैसे में से 270 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, 77.95 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी द्वारा की गई मशीनरी खरीद के पैसे के भुगतान, 7.12 करोड़ रुपये का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मरम्मतों और वर्तमान ईकाईयों के रिनोवेशन के साथ ही कंपनी के सामान्य कामकाज में किया जाएगा।
एथर इंडस्ट्रीज की शुरुआत साल 2013 में एक R&D यूनिट के तौर पर हुई थी। साल 2017 में कंपनी ने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया। कंपनी फार्मास्युटिकल, एग्रो केमिकल, मटेरियल साइंस, इलेक्ट्रॉनिक केमिकल, हाई परफॉर्मेंस फोटोग्राफी और तेल व गैस इंडस्ट्री सेगमेंट में काम करती है। वर्तमान में इसकी क्षमता 4,000 मीट्रिक टन से अधिक है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने IPO के जरिए 800 से 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है।
सोमवार को सेबी ने बताया कि इन कंपनियों की तरफ से किए गए आवेदन को 27-30 अप्रैल के दौरान निष्कर्ष जारी कर दिया गया। किसी भी कंपनी को आईपीओ लाने के लिए सेबी का निष्कर्ष जरूरी होता है। इन कंपनियों ने दिसंबर, 2021 से फरवरी, 2022 के दौरान आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज सेबी के पास जमा कराए थे। इन सभी कंपनियों के इक्विटी शेयर बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट होंगे।