LIC IPO में इनवेस्ट करने से पहले जानिए क्या है मोतीलाल ओसवाल AMC की सलाह

कई ब्रोकरेज फर्मों ने कहा है कि कई लोग पहली बार आईपीओ में निवेश करने जा रहे हैं। इस साल की पहली तिमाही में खोले गए डीमैट अकाउंट से इस बात का संकेत मिलता है। ऐसे निवेशकों को एलआईसी के इश्यू में इनवेस्ट तो करना चाहिए, लेकिन बहुत ज्यादा लिस्टिंग गेंस की उम्मीद नहीं करनी चाहिए

अपडेटेड May 03, 2022 पर 5:26 PM
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एक्सपर्ट्स का कहना है कि एलआईसी की जो वैल्यूएशन तय की गई है, उससे इनवेस्टर्स को लॉस होने का डर नहीं है।

LIC का आईपीओ बुधवार को खुल जाएगा। इस इश्यू में एलआईसी के पॉलिसीहोल्डर्स, रिटेल इनवेस्टर्स और एंपलॉयीज को डिस्काउंट मिलेगा। इस वजह से इस आईपीओ को लेकर बहुत उत्साह है। एलआईसी के करोड़ों पॉलिसीहोल्डर्स इस इश्यू में इनवेस्ट करना चाहते हैं।

मोतीलाल ओसवाल एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एसोसिएट डायरेक्टर एवं फंड मैनेजर मनीष सोंथालिया ने इस इश्यू को अट्रैक्टिव बताया है। उनका मानना है कि एलआईसी की जो वैल्यूएशन तय की गई है, उससे इनवेस्टर्स को लॉस होने का डर नहीं है।

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सोंथालिया ने सीएनबीसी-टीवी18 को बताया, "करेंट प्राइस पर इस इश्यू में भारी सब्सक्रिप्शन दिख सकता है। यह इश्यू इनवेस्टर्स के लिए अच्छा है।" एलआईसी इस इश्यू से 21,000 करोड़ रुपये जुटा रही है। एलआईसी की इम्बेडेड वैल्यूएशन के मुकाबले यह इश्यू 1.1 गुना है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि शेयरों की बिक्री से पूरा पैसा सरकार के पास जाएगा।

इश्यू का करीब 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। उन्हें प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट भी मिलेगा। सरकार इस इश्यू में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। पहले उसने अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई थी। लेकिन, स्टॉक मार्केट के खराब हालत को देखते हुए सरकार ने इश्यू का साइज घटा दिया।

कई दूसरे एनालिस्ट्स ने भी इस इश्यू में पैसे लगाने की सलाह इनवेस्टर्स को दी है। ब्रोकरेज फर्म इनवेस्टमेंट्ज डॉट कॉम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, "हमारा मानना है कि एलआईसी को अपने डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का फायदा मिलेगा। फ्यूचर ग्रोथ में हाई-मार्जिन नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स का बड़ा हाथ हो सकता है।"

सोंथालिया ने कहा कि मौजूदा माहौल में इनवेस्टर्स को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल में इनवेस्टर्स को गिरावट की स्थिति में अपने नुकसान को कम करने पर फोकस करना चाहिए।

कई ब्रोकरेज फर्मों ने कहा है कि कई लोग पहली बार आईपीओ में निवेश करने जा रहे हैं। इस साल की पहली तिमाही में खोले गए डीमैट अकाउंट से इस बात का संकेत मिलता है। ऐसे निवेशकों को एलआईसी के इश्यू में इनवेस्ट तो करना चाहिए, लेकिन बहुत ज्यादा लिस्टिंग गेंस की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इसकी वजह यह है कि मार्केट का सेंटीमेंट कमजोर है।

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