LIC IPO : केंद्र सरकार अपनी सबसे बड़ी बीमा कंपनी के मेगा IPO को मई के मध्य में लाने पर विचार कर रही है। सरकार को उम्मीद है कि तब तक रूस के यूक्रेन पर हमले बाजार में बने उतार-चढ़ाव के हालात शांत हो जाएंगे। ब्लूमबर्ग ने इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
सूत्रों ने कहा, नियमों के तहत IPO के लिए Life Insurance Corp (LIC) पब्लिश्ड एम्बेडेड वैल्यू मई तक वैलिड रहेगी। उन्होंने कहा कि इसे ज्यादा देरी करने की स्थिति में LIC की एम्बेडेड वैल्यू की फिर से गणना करनी होगी। एम्बेडेड वैल्यू के आधार पर बीमा कंपनियों का मूल्यांकन किया जाता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध से बिगड़ा सेंटीमेंट
इस IPO को मार्च के अंत तक लॉन्च किया जाना था। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की बढ़ते बजट डेफिसिट (budget deficit) के वित्तपोषण के लिए सरकारी एसेट्स बेचने की योजना का एक अहम हिस्सा है। इस महीने की शुरुआत में प्रकाशित ब्लूमबर्ग न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ गया था, जिससे देश के सबसे बड़े IPO को अगले वित्त वर्ष के लिए टालना पड़ गया है।
फरवरी में खासा बढ़ गया था मार्केट वॉलेटिलिटी इंडेक्स
एक अन्य सूत्र ने कहा कि सरकार के आईपीओ के लॉन्च के लिए लगभग 15 का मार्केट वॉलेटिलिटी इंडेक्स (market volatility index) एक सहज स्तर होगा। एनएसई वॉलेटिलिटी इंडेक्स सोमवार को 26 के स्तर पर था, जो बीते साल के 17.9 के औसत से काफी ज्यादा था। यह इस वित्त वर्ष 24 फरवरी को 31.98 के उच्चतम स्तर पर चला गया था।
वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
एलआईसी की 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की है योजना
सरकार को बीमा कंपनी की 5 फीसदी हिस्सेदारी बेजकर लगभग 65,400 करोड़ रुपये जुटाने थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सबसे पहले फरवरी, 2020 में IPO की योजना का ऐलान किया था, लेकिन महामारी के चलते इसे टाल दिया गया था।