LIC का आईपीओ गुरुवार दिन में 1:20 बजे तक 84 फीसदी सब्सक्राइब हुआ था। रिटेल इनवेस्टर्स का कोटा 77 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। आप इस इश्यू में 9 मई तक अप्लाई कर सकते हैं। अगर बहुत व्यस्त हैं तो आप शनिवार को भी बोली लगा सकते हैं। यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए शनिवार को खुला रहेगा। कई लग इस बात को लेकर कनफ्यूज है कि उन्हें किस कैटेगरी मे बोली लगानी चाहिए।
इस आईपीओ में आम लोगों के लिए तीन कैटेगरी है। पहली रिटेल इनवेस्टर्स की कैटेगरी है। दूसरी पॉलिसीहोल्डर्स की कैटेगरी है। तीसरी कैटगरी एंप्लॉयीज की है। एलआईसी ने तीनों कैटेगरी के लिए शेयर रिजर्व रखा है। अगर आपके पास एलआईसी की पॉलिसी नहीं है और आप एंप्लॉयी भी नहीं है तो फिर आपके पास सिर्फ रिटेल कैटेगरी में बोली लगाने का ऑप्शन है।
अगर आपके पास एलआईसी की पॉलिसी है तो आपको पॉलिसीहोल्डर कैटेगरी में बोली लगानी चाहिए। कंपनी ने पॉलिसीहोल्डर्स के लिए 10 फीसदी कोटा रिजर्व रखा है। दूसरी बात यह कि आपको मैक्सिमम शेयरों के लिए बोली लगानी चाहिए। इसका मतलब है कि आप पॉलिसीहोल्डर कैटेगरी में कुल 2 लाख रुपये तक के शेयरों की बोली लगा सकते हैं। इसकी वजह यह है कि रिटेल कैटेगरी में शेयरों का एलॉटमेंट डॉ के जरिए होगा। लेकिन पॉलिसीहोल्डर कैटेगरी में अनुपातिक (Proportionate) आधार पर एलॉटमेंट होगा।
पॉलिसीहोल्डर कैटेगरी में बोली लगाने पर आपको शेयर एलॉट होने की गारंटी होगी। हां आपको कम या ज्यादा शेयर एलॉट हो सकते हैं। कंपनी अप्लाई करने वाले पॉलिसीहोल्डर्स को उनकी बोली के एक निश्चित अनुपात में शेयर एलॉट करेगी। इस वजह से ज्यादा बोली लगाने वाले को ज्यादा शेयर एलॉट होने की संभावना होगी। इसलिए अगर आपके पैसा है तो आप 2 लाख रुपये की लिमिट का पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं।
एलआईली ने अपने आईपीओ में पॉलिसीहोल्डर को दूसरे इनवेस्टर्स के मुकाबले वरीयता दी है। उसने पॉलिसीहोल्डर को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट दिया है। इसके मुकाबले रिटेल और एंप्लॉयीज को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट दिया गया है।
LIC का आईपीओ 17 मई को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हो जाएगा। इससे पहले एलॉटमेंट की जानकारी बोली लगाने वाले इनवेस्टर्स को मिल जाएगी। जिन इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट नहीं होंगे, उनके पैसे अकाउंट से रिलीज कर दिए जाएंगे।