भारत सरकार इस कोशिश में है कि आईपीओ से पहले लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) की वैल्यू 8 से 10 लाख करोड़ रुपये के बीच लगाई जाए। मामले से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि संभावित वैल्यू को शुरुआती बातचीत, बातचीत के बाद किए गए बदलावों, कागजी जांच पड़ताल और एक आधिकारिक वैल्यूएशन रिपोर्ट आने के बाद तय की जाएगी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सरकार कंपनी में अपनी 5 से 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। इस वैल्यूएशन को सरकार एलआईसी के आईपीओ से 400 अरब रुपये से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये तक जुटा सकती है। साथ ही यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार का एलआईसी के आईपीओ पर इसलिए भी जोर है क्योंकि वह इसके जरिए राजकोषीय घाटे के अंतर को कम करना चाहती है। केंद्र ने इस वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में एलआईसी का आईपीओ सरकार के लिए काफी अहम हो जाता है।
सरकार एलआईसी में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को भी मंजूरी देने पर विचार कर रही है। पिछले हफ्ते कुछ बैंकरों ने सरकार और एलआईसी के अधिकारियों से मुलाकात की थी, ताकि औपचारिक रूप से आईपीओ की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
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