LIC के आईपीओ में म्यूचुअल फंडों ने 4000 करोड़ रुपये इनवेस्ट किए हैं। उन्होंने बतौर एंकर इनवेस्टर्स यह निवेश किया। कंपनी का आईपीओ एंकर इनवेस्टर्स के लिए 2 मई (सोमवार) को खुला था। दूसरे सभी इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 4 मई (बुधवार) को खुलेगा।
LIC के आईपीओ में म्यूचुअल फंडों ने 4000 करोड़ रुपये इनवेस्ट किए हैं। उन्होंने बतौर एंकर इनवेस्टर्स यह निवेश किया। कंपनी का आईपीओ एंकर इनवेस्टर्स के लिए 2 मई (सोमवार) को खुला था। दूसरे सभी इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 4 मई (बुधवार) को खुलेगा।
करीब 99 म्यूचुअल फंडों ने एलआईसी के आईपीओ में निवेश किया है। इनके अलावा फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स, पेंशन फंड्स, कॉर्पोरेट्स और इंश्योरेंस कंपनियों ने बतौर एंकर इनवेस्टर इस इश्यू में इनवेस्ट किया है। एलआईसी इस इश्यू से 21,000 करोड़ रुपये जुटा रही है। यह इंडिया का सबसे बड़ा आईपीओ है।
इस इश्यू में इनवेस्ट करने वाले एक म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजर ने कहा, "शुरुआत में दोगुना इम्बेडेड वैल्यू की चर्चा थी। अब आईपीओ की कीमत इम्बेडेड वै्यू का 1.1 गुना है। इसलिए इसका प्राइस सही है। शेयर फ्लोट भी घटाकर 21,000 करोड़ रुपये किया गया है। सरकार एलआईसी में 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। पहले उसने 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का प्लान बनाया था।"

उन्होंने कहा, "एलआईसी के शेयरों पर कई चीजों का असर पड़ेगा। इसकी इम्बेडेड वैल्यू इस बात पर निर्भर करेगी कि मार्केट की चाल कैसी रहती है। इसका कफी बड़ा पोर्शन है, जो मार्क-टू-मार्केट है। शेयरों में एलआईसी का इनवेस्टमेंट बहुत ज्यादा है।"
एक दूसरे फंड हाउस के प्रमुख ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, "एलआईसी एक प्रमुख उभरते बाजार की सबसे दमदार खिलाड़ी है। इसलिए इसकी ग्रोथ अच्छी बनी रहेगी, हालांकि, यह प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों की ग्रोथ से कम रह सकती है। इंडिया में इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स अभी आबादी के बड़े हिस्से से दूर रहा है। डिजिटल मोड इसकी पहुंच बढ़ाने में मदद कर रहा है। लेकिन, एलआईसी को अभी बदलते वक्त के साथ खुद में बदलाव करना होगा।"

इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स एग्रीगेटर की ऑनलाइन सेवाओं के चलते एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई है। अब तक एलआईसी अपने एजेंट नेटवर्क पर निर्भर थी। लेकिन हाल में इसने पॉलिसीबाजार से समझौता किया है। इससे पता चलता है कि यह डिजिटल डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल करना चाहती है।
म्यूचुअल फंड के प्रमुख ने बताया कि एलआईसी के आईपीओ को लेकर बहुत हलचल रही है। इस वजह से रिटेल इनवेस्टर्स इस आईपीओ को लेकर बहुत जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन का नया रिकॉर्ड बनाता है तो इसमें हैरानी नहीं होनी चाहिए।
एंकर इनवेस्टर्स के पोर्शन में सबसे ज्यादा इनवेस्ट म्यूचुअल फंडों ने किया है। इनमें सबसे आगे एसबीआई इक्विटी हाइब्रिड, आईसीआईसीआई वैल्यू डिस्ककवरी और एसबीाई बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड हैं।
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