LIC IPO: LIC के इश्यू में आज और कल भी निवेश कर सकते हैं। LIC के IPO का सब्सक्रिप्शन बेहतर करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अगर आप व्यस्तता के चलते इस आईपीओ में बोली नहीं लगा पा रहे हैं तो आप संडे को भी बोली लगा सकते हैं। NSE ने इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया है। ससे पहले स्टॉक एक्सचेंजों ने कहा था एलआईसी का इश्यू शनिवार को भी खुला रहेगा।
LIC का IPO तीसरे दिन तक 1.33 गुना सब्सक्राइब हुए हैं। LIC ने अपने IPO के तहत 16.2 करोड़ शेयरों को बिक्री के लिए रखा है, जिसके बदले में उसे अभी तक 21.51 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं।
LIC को अभी तक सबसे अधिक बोलियां पॉलिसीहोल्डर्स के कोटे में मिली हैं। पॉलिसीहोल्डर्स ने अपने लिए आरक्षित शेयरों के लिए 3.89 गुना अधिक बोलियां लगाई हैं। वहीं LIC के कर्मचारियों ने अपने लिए आरक्षित शेयरों के लिए 2.96 गुना अधिक बोलियां लगाई हैं। वही LIC को रिटेल निवेशकों से उनके कोटे में 1.19 अधिक बोलियां मिली है।
LIC का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित शेयरों का कोटा अभी तक नहीं भर पाया है और उसे अभी तक इनके कोटे में क्रमश: 55 फीसदी और 68 फीसदी बोलियां मिली हैं। आमतौर पर देखा जाता है कि QIB और NII निवेशक किसी आईपीओ में आखिरी दिन में ही भारी मात्रा में निवेश करने के लिए आते हैं।
इस बीच अनलिस्टेड शेयरों में LIC के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) शुक्रवार को करीब 65 रुपए रहा। गुरुवार को भी LIC के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम इतना ही था। हालांकि तीन दिन पहले LIC का ग्रे मार्केट प्रीमियम 90 रुपए था। बाजार जानकारों का कहना है कि RBI की तरफ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के ऐलान और शेयर बाजार में गिरावट के चलते LIC का GMP घटा है। हालांकि एकबार बाजार का सेंटीमेंट अगर सुधरता है तो LIC के ग्रे मार्केटप्रीमियम में भी सुधार आने की उम्मीद है।
सरकार इस इश्यू से करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। वह LIC में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि इश्यू से जो अमाउंट मिलेगा, वह सरकार का होगा।LIC देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 61.4 फीसदी है। यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी लाइफ इश्योरेंस कंपनी है। टोटल एसेट के लिहाज से यह दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। इसके देशभर में 13.5 लाख एजेंट्स हैं। यह 40 लाख करोड़ रुपये का प्रबंधन करती है। यह सभी म्यूचुअल फंडों के कुल एयूएम से ज्यादा है।