LIC के शेयर आज डिस्काउंट पर लिस्ट हो सकते हैं। कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होंगे। ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर में 19 रुपये के डिस्काउंट पर कारोबार हो रहा है। इसका मतलब है कि 949 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले ग्रे मार्केट में इस शेयर का भाव 930 रुपये चल रहा है।
हालांकि, डिस्काउंट में कमी आई है। पिछले हफ्ते इस शेयर पर डिस्काउंट 25 रुपये तक पहुंच गया था। यह इश्यू करीब तीन गुना लिस्ट हुआ था। सरकार ने इनवेस्टर्स को 949 रुपये के प्राइस पर शेयर अलॉट किए हैं।
एलआईसी ने रिटेल इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट दिया था। पॉलिसीहोल्डर्स को 60 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट दिया गया था। डिस्काउंट के बाद पॉलिसीहोल्डर्स को कंपनी ने प्रति शेयर 889 रुपये के भाव पर शेयर जारी किए, जबकि रिटेल इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 904 रुपये पर।
ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर में डिस्काउंट पर ट्रेडिंग हो रही है। 17 मई को ग्रे मार्केट में इस शेयर पर प्रति शेयर 19 रुपये डिस्काउंट चल रहा है। ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर पर स्टॉक मार्केट में आई हालिया कमजोरी का असर पड़ा है। फॉरेन फंडों की बिकवाली, रुपया में कमजोरी और यूक्रेन क्राइसिस ने स्टॉक मार्केट में दबाव बढ़ा दिया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट में खराब हालात के बावूज एलआईसी का आईपीओ कामयाब रहा। इस इश्यू में पॉलिसीहोल्डर्स, एंप्लॉयीज और रिटेल इनवेस्टर्स ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई। इसकी वजह एलआईसी का मजबूत ब्रांड है। इसकी पहचान घर-घर में है। कई लोग तो इंश्योरेंस का मतलब एलआईसी से लगाते हैं। देशभर में इसका व्यापक सेल्स नेटवर्क है। देशभर में इसकी 2000 से ज्यादा ब्रांचेज हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर एलआईसी का शेयर डिस्काउंट पर लिस्ट होता है तो इससे इनवेस्टर्स को निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्हें इस शेयर को फौरन नुकसान में बेचने की जगह मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए अपने पास रखना चाहिए। जो इनवेस्टर्स आईपीओ में बोली नहीं लगा सके, वे शेयरों को सस्ते भाव पर खरीद सकते हैं।
सोमवार को काफी दिनों बाद मार्केट में रौनक दिखी। बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। अगर बाजार का सेंटिमेंट मंगलवार को भी पॉजिटिव बना रहता है तो इसका असर एलआईसी के शेयरों की लिस्टिंग पर पड़ सकता है। हालांकि, इश्यू प्राइस से कम पर लिस्टिंग के बावजूद पॉलिसीहोल्डर्स और रिटेल इनवेस्टर्स को लॉस होने की गुंजाइश कम है। इसकी वजह यह है उन्हें मिला डिस्काउंट।