LIC IPO खुलने में सिर्फ दो दिन बाकी, क्या आपको इनवेस्ट करना चाहिए?

सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेच रही है। आईपीओ का 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। 0.7 फीसदी हिस्सा एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व है। 31.25 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है

अपडेटेड May 03, 2022 पर 7:06 AM
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यह इश्यू 9 मई को बंद हो जाएगा। शेयरों का एलॉटमेंट 12 मई तक फाइनल हो जाएगा। जिन इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट नहीं होंगे, उनका पैसा 13 मई तक रिलीज हो जाएगा। 16 मई तक इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में शेयर आ जाएंगे। फिर, 17 मई को स्टॉक एक्सचेंजों में शेयर लिस्ट हो जाएंगे।

LIC का मेगा आईपीओ 4 मई (बुधवार) को खुल जाएगा। ग्रॉस रिटेन प्रीमियम (Gross Written Premium) के लिहाज से एलआईसी इंडिया की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। इंडिविजुअल और ग्रुप पॉलिसी की बिक्री के लिहाज से भी यह सबसे बड़ी लाइफ इश्योरेंस कंपनी है। GWP के आधार पर यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी है।

सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेच रही है। आईपीओ का 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। 0.7 फीसदी हिस्सा एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व है। 31.25 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

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रिटेल इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 45 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। पॉलिसीहोल्डर्स के लिए 60 रुपये का डिस्काउंट है। इन कैटेगरी में मैक्सिमम 2 लाख रुपये मूल्य के शेयरों के लिए बोली लगाई जा सकती है। इसका मतलब है कि डिस्काउंट के बाद 230 शेयरों तक के लिए अप्लाई किया जा सकता है।

यह इश्यू 9 मई को बंद हो जाएगा। शेयरों का एलॉटमेंट 12 मई तक फाइनल हो जाएगा। जिन इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट नहीं होंगे, उनका पैसा 13 मई तक रिलीज हो जाएगा। 16 मई तक इनवेस्टर्स के डीमैट अकाउंट में शेयर आ जाएंगे। फिर, 17 मई को स्टॉक एक्सचेंजों में शेयर लिस्ट हो जाएंगे।

मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्मों ने इस इश्यू में इनवेस्ट करने की सलाह दी है, क्योंकि इसका प्राइस अट्रैक्टिव है। एलआईसी की लाइफ इंश्योरेंस मार्केट में जबर्दस्त पैठ है। सरप्लस डिस्ट्रिब्यूशन नॉर्म में बदलाव से कंपनी की मुनाफे बनाने की क्षमता बढ़ेगी।

निर्मल बांग इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की लेटेस्ट रिपोर्टेड इम्बेडेड वैल्यू (सितंबर 21 में ईवी) 5.4 लाख करोड़ रुपये है। मार्च 2021 के मुकाबले यह 4.6 गुना ज्यादा है। इसकी वजह कंपनी की सरप्लस डिस्ट्रिब्यूशन पॉलिसी में बदलाव है।

इंडिया में प्रोटेक्शन गैप 83 फीसदी है। यह एपीएसी देशों में सबसे ज्यादा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले दशक में इंडिया में एनबीपी की सीएजीआर 14-16 फीसदी रह सकती है। निर्मल बांग ने कहा है, "मार्केट में एलआईसी की पॉजिशन और नए प्रोडक्ट्स लॉन्च को देखते हुए कंपनी को आगे काफी फायदा होने की उम्मीद है।"

प्राइस बैंड के 949 रुपये के ऊपरी स्तर पर इस इश्यू की वैल्यू कंपनी की इम्बेडेड वैल्यू का 1.1 गुना है। यह प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के मुकाबले काफी डिस्काउंटेड है। निर्मल बांग ने इस इश्यू में इनवेस्ट करने की सलाह दी है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार की कोशिशों के चलते इश्योरेंस इंडस्ट्री की ग्रोथ अच्छी है। कंपनियां प्रोडक्ट इनोवेशंस पर फोकस कर रही हैं। डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम में भी बदलाव दिख रहा है। कोविड-19 में हेल्थकेयर को लेकर जागरूकता बढ़ाई है। इसका फायदा आने वाले समय में देखने को मिलेगा।

ब्रोकरेज फर्म केआर चोकसी का कहना है कि एलआईसी का मार्जिन स्टेबल रहा है। प्रोडक्ट पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजी और डिस्ट्रिब्यूशन मिक्स में डायवर्सिफिकेशन से सभी मोर्चों पर कंपनी के बेहतर परफॉर्मेंस करने की बहुत संभावना है। इस ब्रोकरेज फर्म ने इनवेस्टर्स को कहा है कि वे लिस्टिंग गेंस के साथ ही लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट के लिए इस इश्यू में पैसे लगा सकते हैं।

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