LIC के शेयरो की लिस्टिंग (Listing of LIC Shares) मंगलवार (17 मई) को होगी। लिस्टिंग का सबसे ज्यादा इंतजार उन रिटेल इनवेस्टर्स और पॉलिसीहोल्डर्स को है, जिन्होंने इस आईपीओ (LIC IPO) में बोली लगाई है। स्टॉक मार्केट में पिछले कुछ हफ्तों से जारी गिरावट ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट के मौजूदा रुख को देखते हुए कमजोर लिस्टिंग के आसार दिख रहे हैं।
सरकार ने देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 21,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। एलआईसी का इश्यू (LIC IPO) इंडियन मार्केट का सबसे बड़ा आईपीओ था। यह 4 मई को खुला था। 9 मई को यह बंद हो गया था। यह इश्यू करीब तीन गुना (2.95 गुना) सब्सक्राइब हुआ था। इनवेस्टर्स ने करीब 45,000 करोड़ शेयरों की बोली लगाई थी। एलआईसी ने 12 मई को इनवेस्टर्स को शेयर अलॉट किए थे।
इनवेस्टर्स की नजरें लिस्टिंग प्राइस पर हैं। ग्रे मार्केट (Grey Market) में शेयर की कीमत को देखने से कमजोर लिस्टिंग की उम्मीद दिख रही है। ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर में डिस्काउंट पर ट्रेडिंग हो रही है। 14 मई को इस शेयर का भाव 934 रुपये था। यह 949 रुपये के इश्यू के कट-ऑफ प्राइस के मुकाबले 15 रुपये कम है। 11 मई को एलआईसी का शेयर ग्रे मार्केट में डिस्काउंट में ट्रेड करने लगा था।
एक बार डिस्काउंट में ट्रेडिंग शुरू होने के बाद से फिर कभी यह प्रीमियम में नहीं आया है। 4 मई को इश्यू ओपन होने के दिन इस पर 80 रुपये का प्रीमिमय चल रहा था। उसके बाद से इसका प्रीमियम लगातार घटा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में दुनियाभर के स्टॉक मार्केट्स में बिकवाली हुई है। इसका असर ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर के प्रीमियम पर पड़ा है।
एलारा सिक्योरिटीज इंडिया के सीईओ (वेल्थ) नितेश शाह ने कहा, "ज्यादा इनफ्लेशन, फॉरेन फंडों की लगातार बिकवाली और इंडियन करेंसी में कमजोरी के चलते निफ्टी और सेंसेक्स में 10 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। इसलिए एलआईसी के शेयरों की लिस्टिंग पर भी मार्केट के कमजोर सेंटिमेंट का असर पड़ सकता है।"
मेहता इक्विटीज में रिसर्च एनालिस्ट एंव वीपी (रिसर्च) प्रशांत तापसे ने कहा कि ग्रे मार्केट में एलआईसी के शेयर में डिस्काउंट पर ट्रेडिंग की वजह बाजार का कमजोर सेंटिमेंट है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थितियों में एलआईसी के शेयर की लिस्टिंग ऑफर प्राइस के मुकाबले 5 फीसदी ऊपर या नीचे हो सकती है। लेकिन, हमें यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि एलआईसी के शेयर को कभी लिस्टिंग गेंस का कैंडिडेट नहीं माना गया था। इसे आपको लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट के नजरिए से देखना चाहिए।