Manipal Health IPO: मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज का आईपीओ आज यानी 29 जुलाई को खुल गया। एनएसई के डेटा के मुताबिक, 10:25 बजे तक यह आईपीओ 2 फीसदी से ज्यादा सब्सक्राइब हो गया था। यह आईपीओ 9,275 करोड़ रुपये का है। कंपनी के देश के कई शहरों में हॉस्पिटल्स हैं। इनमें मल्टी-स्पेशियलिटी हेल्थ केयर सर्विसेज उपलब्ध हैं। इस आईपीओ में कंपनी इनवेस्टर्स को नए शेयर एलॉट करेगी। साथ ही प्रमोटर्स और कुछ पुराने इनवेस्टर्स ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए अपने शेयर बेचेंगे।
प्राइस बैंड प्रति शेयर 560-590 रुपये
Manipal Health Enterprises ने प्रति शेयर 560-590 रुपये प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी इश्यू के जरिए 13.56 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। इनकी कीमत करीब 8,000 करोड़ रुपये होगी। ऑफर फॉर सेल के तहत 2.16 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। टीपीजी और नोवो होल्डिंग्स जैसे बड़े इनवेस्टर्स ओएफएस में अपने शेयर बेचेंगे।
कम से कम 25 शेयरों के लिए अप्लाई करना होगा
रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 25 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर रिटेल इनवेस्टर को बोली लगाने के लिए कम से कम 14,750 रुपये की जरूरत पड़ेगी। इस आईपीओ में 31 जुलाई तक अप्लाई किया जा सकता है। 3 अगस्त को शेयरों का एलॉटमेंट होने की उम्मीद है। 5 अगस्त को शेयर बीएसई और NSE में लिस्ट होंगे।
FY26 में कंपनी ने कमाया 892 करोड़ प्रॉफिट
Manipal Health का ऑपरेशन से रेवेन्यू FY26 में 10,335.75 करोड़ रुपये था। एक साल पहले की समान अवधि में ऑपरेशन से रेवेन्यू 8,242.25 करोड़ रुपये था। FY26 में कंपनी का प्रॉफिट 892.32 करोड़ रुपये था। FY26 में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रही। पिछले वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का प्रॉफिट भी अच्छा रहा।
अनलिस्टेड मार्केट में निवेशकों की कम दिलचस्पी
अनलिस्टेड मार्केट में मणिपाल हेल्थ के शेयरों को लेकर ज्यादा हलचल नहीं दिख रही। इनवेस्टरगेन और आईपीओ वॉच के मुताबिक, 29 जुलाई की सुबह इस शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम सिर्फ 10 रुपये था। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के 590 रुपये के ऊपरी लेवल के मुकाबले यह शेयर सिर्फ 10 रुपये प्रीमियम के साथ 600 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। यह करीब 1.69 फीसदी का लिस्टिंग गेन है, जो काफी कम है।
क्या आपको आईपीओ में बोली लगानी चाहिए?
इस शेयर को लेकर इंस्टीट्यूशनल एनालिस्ट्स की राय पॉजिटिव है। खासकर लंबी अवधि के नजरिए से उन्हें शेयर ठीक लग रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म मास्टर कैपिटल सर्विसेज का मानना है कि कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। उसने कहा है कि इंडिया में हेल्थकेयर की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, जिसका फायदा मणिपाल हेल्थ जैसी कंपनियों को मिलेगा। कंपनी के हॉस्पिटल्स मेट्रो और नॉन-मेट्रो दोनों तरह के शहरों में हैं।
देश के 14 राज्यों में कुल 49 हॉस्पिटल्स
इस साल मार्च के अंत में देश के 14 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में कंपनी के कुल 49 हॉस्पिटल्स थे। इनमें बेड की कुल संख्या 13,037 थी। कंपनी आईपीओ से हासिल पैसे का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी मणिपाल हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड का कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इसके अलावा वह शहयाद्री हॉस्पिटल्स में भी कुछ हिस्सेदारी हासिल करेगी।
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