Metalman Auto IPO: शीट मेटल, ट्यूब्यूलर, लाइट एंड हैवी फैब्रिकेटेड असेंबलीज, सब-असेंबलीज इत्यादि बनाने वाली मेटलमैन ऑटो आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। बाजार नियामक सिक्योरिटीज एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास इसने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर दिया है। इस इश्यू के तहत नए शेयर जारी होंगे और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष में इसका रेवेन्यू बढ़ा लेकिन मुनाफे में तेज गिरावट आई थी।
Metalman Auto IPO की डिटेल्स
सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट के मुताबिक मेटलमैन ऑटो के आईपीओ के तहत 350 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा कंपनी के प्रमोटर्स और शेयरहोल्डर्स 1.26 करोड़ शेयरों की आईपीओ के ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के तहत बिक्री करेंगे। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो 25 करोड़ रुपये पीतमपुर मैनुफैक्चरिंग यूनिट 2 के लिए प्लांट और मशीनरी पर खर्च होंगे। देश के पांच राज्यों में कंपनी के 9 मैनुफैक्चरिंग यूनिट्स हैं जो इसके OEM ग्राहकों के नजदीक ही स्थित हैं।
इसके अलावा आईपीओ से जुटाए गए 240 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा। जून 2024 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस पर 314.43 करोड़ रुपये का कर्ज है। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स बुक रनिंग मैनेजर हैं।
Metalman Auto के बारे में
मेटलमैन दोपहिया, तिपहिया, पैसेंजर वीईकल्स, कॉमर्शियल वीईकल्स, एग्री-वीईकल्स और ऑफ-हाईवे वीईकल्स के लिए मेटल कंपोनेंट्स बनाती है। इसके अलावा यह वाशिंग मशीन पैनल्स जैसे वाइट गुड्स के लिए भी कंपोनेंट्स तैयार करती है। वित्त वर्ष 2024 में दोपहिया मार्केट में हीरो, बजाज, होंडा और टीवीएस की कुल मिलाकर बिक्री में 80 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी रही। इस दौरान मेटलमैन ऑटो ने देश में बिकी 25% हाई स्पीड ईवी स्कूटर्स, निर्यात हुए 20 फीसदी दोपहिया मोटरसाइकिल्स और घरेलू मार्केट में बिके 10 फीसदी दोपहिया बाइक्स के लिए फ्रेम/चेसिस का निर्यात किया।
कंपनी के कारोबारी सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 1051 करोड़ रुपये से बढ़कर 1508 करोड़ रुपये और EBITDA भी 117.84 करोड़ रुपये से उछलकर 131.72 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान नेट प्रॉफिट 63.11 करोड़ रुपये से घटकर 50 करोड़ रुपये रह गया।