Motisons Jewellers IPO : जयपुर के मोतीसंस ज्वेलर्स ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड तय कर दिया है। कंपनी ने प्रति शेयर 52 से 55 रुपये का प्राइस तय किया है। यह इश्यू 18 दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। निवेशकों के पास इसमें 20 दिसंबर तक निवेश का मौका होगा। कंपनी का इरादा इश्यू के जरिए 151.09 करोड़ रुपये जुटाने का है। एंकर निवेशकों के लिए यह इश्यू 15 दिसंबर को एक दिन के लिए खुलेगा। मोतिसंस ज्वेलर्स पहले ही प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के माध्यम से 33 करोड़ रुपये करोड़ रुपये जुटा चुकी है। यह राशि 55 रुपये प्रति शेयर के ऑफर प्राइस पर जुटाई गई।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
जयपुर स्थित छाबड़ा परिवार के स्वामित्व वाली ज्वेलरी रिटेल कंपनी आईपीओ से होने वाल आय में से 58 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। इसके अलावा, 71 करोड़ रुपये का उपयोग वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए किया जाएगा। वहीं, शेष फंड सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए खर्च होगी।
कंपनी ने 55 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 60 लाख इक्विटी शेयरों के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए 33 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसके बाद ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में बताए गए 3.34 करोड़ इक्विटी शेयरों तक के इश्यू साइज को 60 लाख इक्विटी शेयरों से घटाकर 2.74 करोड़ इक्विटी शेयर कर दिया गया है।
मोतिसंस ज्वेलर्स के आईपीओ के तहत 2.74 करोड़ फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत कोई बिक्री नहीं होगी। इसका मतलब है कि आईपीओ से होने वाली पूरी आय कंपनी के पास जाएगी। ऑफर साइज का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 फीसदी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल के लिए और शेष 35 फीसदी शेयर रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित किया गया है।
मोतिसंस ज्वेलर्स ने 1997 में जयपुर में एक शोरूम के साथ अपना ज्वेलरी बिजनेस शुरू किया और बाद में मोतिसंस ब्रांड के तहत 4 शोरूम तक नेटवर्क का विस्तार किया। कंपनी ने पिछले वर्षों में बेहतर वित्तीय आंकड़े दर्ज किए हैं। मार्च FY23 को समाप्त वर्ष में नेट प्रॉफिट 50.5 फीसदी बढ़कर 22.2 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, रेवेन्यू पिछले वर्ष की तुलना में 16.5 प्रतिशत बढ़कर 366.2 करोड़ रुपये हो गया। जून FY24 को समाप्त पहली तिमाही में मुनाफा 86.7 करोड़ रुपये के रेवेन्यू पर 5.5 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।