Muthoot Microfin IPO : मुथूट फाइक्रोफिन के आईपीओ आज 20 दिसंबर को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। सब्सक्रिप्शन के अंतिम दिन अब तक इश्यू को 11.52 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। इसे कुल 28.10 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल गई है जबकि ऑफर पर 2.43 करोड़ शेयर हैं। इसके लिए 277-291 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। कंपनी का इरादा आईपीओ के जरिए 960 करोड़ रुपये जुटाने का है।
सब्सक्रिप्शन से जुड़ी डिटेल
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स - 17.47 गुना
रिटेल इनवेस्टर्स - 7.61 गुना
(BSE, 20 Dec 2023 | 06:57:00 PM)
IPO में Muthoot Microfin की ओर से 760 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 200 करोड़ रुपये का OFS रहेगा। इन शेयरधारकों में इनवेस्टर Greater Pacific Capital WIV भी शामिल है, जो 50 करोड़ रुपये के शेयर बेचेगी।
बाकी 150 करोड़ रुपये के शेयर प्रमोटर थॉमस जॉन मुथूट, थॉमस मुथूट, थॉमस जॉर्ज मुथूट, प्रीति जॉन मुथूट, रेमी थॉमस और नीना जॉर्ज की ओर से बेचे जाएंगे। मुथूट माइक्रोफिन ने अपने कर्मचारियों के लिए 10 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर आरक्षित किए हैं, जिन्हें फाइनल इश्यू प्राइस से 14 रुपये प्रति शेयर के डिस्काउंट पर शेयर ऑफर किए जा सकते हैं। Muthoot Microfin महिला ग्राहकों को माइक्रो लोन उपलब्ध कराती है। इसका फोकस देश के ग्रामीण इलाकों पर है।
इश्यू के लिए लॉट साइज 51 शेयरों का है। कंपनी ने IPO का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स, 15 प्रतिशत हिस्सा हाई नेटवर्थ वाले इंडीविजुअल्स और 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा है।
सब्सक्रिप्शन के बाद कंपनी 21 दिसंबर तक सफल निवेशकों को शेयरों का अलॉटमेंट कर सकती है। वहीं, 22 दिसंबर तक पात्र निवेशकों के डीमैट अकाउंट में इक्विटी शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। आईपीओ शेड्यूल के अनुसार, कंपनी 26 दिसंबर को BSE और NSE पर अपने इक्विटी शेयर लिस्ट करेगी। 25 दिसंबर को क्रिसमस की छुट्टी के कारण बाजार और बैंक बंद रहेंगे।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
आईपीओ से होने वाली आय का इस्तेमाल मुख्य रूप से भविष्य की कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने कैपिटल बेस को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। कंपनी का AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) FY23 में 47.22% और FY22 में 25.43% बढ़ा है। कंपनी ने कहा, "बिजनेस की ग्रोथ के लिए पूंजी निवेश की जरूरत है और इस तरह के पूंजी निवेश से क्रेडिट रेटिंग में भी सुधार होगा जिससे कंपनी को बेहतर ब्याज दर पर फंड हासिल करने में मदद मिलेगी।"