नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कराए हैं। NSDL एक सेबी के पास रजिस्टर्ड मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (MII) है, जो देश के फाइनेंशियल और सिक्योरिटीज मार्केट्स को अपने प्रोडक्ट और सेवाओं ऑफर करती है। मनीकंट्रोल ने 5 दिसंबर 2022 को सबसे पहले रिपोर्ट दी थी कि NSDL ने अपनी IPO लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होगा, जिसमें आईडीबीआई बैंक और एनएसई अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं।
अगर लिस्टिंग की योजना सफल होती है, तो यह शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाली दूसरी डिपॉजिटरी सर्विस कंपनी बन जाएगी। इससे पहले 2017 में CDSL (सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड) की लिस्टिंग हुई। इसके आईपीओ को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था और करीब 170 गुना सब्सक्राइब हुआ था और इसने 524 करोड़ रुपये जुटाए थे।
साल 1996 में डिपॉजिटरीज एक्ट के आने के बाद, NSDL ने नवंबर 1996 में भारत में सिक्योरिटीज के डीमैटरियलाइजेशन का बीड़ा उठाया। 31 मार्च तक के आंकड़ों के मुताबिक, यह देश की सबसे बड़ी डिपॉजिटरी है।
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) होगा, जिसके तहत NSDL के शेयरधारकों की तरफ से 57,260,001 इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। इसमें आईडीबीआई बैंक लिमिटेड की ओर से 22,220,000 इक्विटी शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड 18,000,001 शेयरों को बिक्री के लिए रखे जाएंगे, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 5,625,000 इक्विटी शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे, भारतीय स्टेट बैंक की ओर से 4,000,000 इक्विटी शेयर, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड (SS) की ओर से 4,000,000 इक्विटी शेयर और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया की ओर से 3,415,000 इक्विटी शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।