NSE IPO के बारे में बड़ा अपडेट, 11 सितंबर को होगा शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान

एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से है। लेकिन, NSE बीएसई से काफी आगे है। कैश और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) दोनों में ही इसकी हिस्सेदारी बीएसई से काफी ज्यादा है। हालांकि, बीएसई न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है

अपडेटेड Sep 10, 2026 पर 1:53 PM
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बीएसई के शेयरों ने लिस्टिंग के बाद से जिस तरह का रिटर्न दिया है, उससे इनवेस्टर्स की दिलचस्पी एनएसई के आईपीओ में बढ़ी है।

एनएसई के आईपीओ में बोली लगाने की सोच रहे हैं तो तैयार रहें। एक्सचेंज 11 सितंबर यानी शुक्रवार को शेयर के प्राइस बैंड का ऐलान करेगा। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है। एनएसई ने 9 सितंबर को सेबी के पास अपेडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। यह इस बात का संकेत है कि एक्सचेंज आईपीओ का प्रोसेस जल्द पूरा करना चाहता है।

इस आईपीओ में कुछ पुराने इनवेस्टर्स बेच रहे शेयर

NSE के आईपीओ के अब 23,000 करोड़ रुपये के रहने का अनुमान है। पहले एक्सचेंज का प्लान 30,0000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश करने का था। कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स ने अब आईपीओ के जरिए पहले से कम शेयर बेचने का फैसला किया है। इस वजह से आईपीओ का साइज कम रहेगा। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है।


एक्सचेंज की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रह सकती है

इनवेस्टर्स को इस आईपीओ के बारे में कुछ बातें समझ लेने की जरूरत है। शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रह सकता है। एक्सचेंज अब 5.5 फीसदी शेयर बेच रहा है, जिसके लिए एनएसई की वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये हो सकती है। पहले एक्सचेंज की वैल्यूएशन 5.26 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।

ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में बीएसई से काफी आगे हैं एनएसई

एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से है। लेकिन, NSE बीएसई से काफी आगे है। कैश और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) दोनों में ही इसकी हिस्सेदारी बीएसई से काफी ज्यादा है। हालांकि, बीएसई न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। एनएसई के शेयर सिर्फ बीएसई पर लिस्ट होंगे। बीएसई के शेयर भी सिर्फ एनएसई पर लिस्ट होंगे। किसी एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर शेयर लिस्ट कराने की इजाजत नहीं है।

बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद दिया है छप्परफाड़ रिटर्न

बीएसई के शेयरों ने लिस्टिंग के बाद से जिस तरह का रिटर्न दिया है, उससे इनवेस्टर्स की दिलचस्पी एनएसई के आईपीओ में बढ़ी है। इनवेस्टर्स लंबे समय से एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहेगा, इस बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल है। लेकिन, यह तय है कि बीएसई और एनएसई देश के दो सबसे बड़े एक्सचेंज हैं। देश में स्टॉक मार्केट्स में पार्टिसिपेशन बढ़ने का फायदा दोनों ही एक्सचेंजों को होगा।

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बीएसई का शेयर 2017 में एनएसई पर लिस्ट हुआ था

बीएसई का आईपीओ 2017 की शुरुआत में आया था। कंपनी ने 806 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर इनवेस्टर्स को शेयर एलॉट किए थे। शेयर की लिस्टिंग करीब 33 फीसदी प्रीमियम के साथ 1,085 रुपये पर हुई थी। तब बीएसई की वैल्यूएशन करीब 4,400 करोड़ रुपये लगाई गई थी। लिस्टिंग के बाद से इस शेयर ने निवेशकों को मालामाल किया है। स्टॉक की कीमत 3,273 रुपये चल रही है। इसका मतलब है कि इस शेयर ने निवेशकों का पैसा सिर्फ 9 साल में करीब 32 गुना किया है।

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