NSE IPO: तो क्या अब हुंडई का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा एनएसई का आईपीओ? जानिए क्या है अपडेट

NSE IPO: एनएसई ने आईपीओ का साइज घटा दिया है। पहले एक्सचेंज के आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान था। अब इसके 23,000 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है। एक्सचेंज ने आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स में यह बताया है

अपडेटेड Sep 10, 2026 पर 1:05 PM
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NSE आईपीओ का ऐलान एक-दो दिन के अंदर कर सकता है।

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। एनएसई ने 9 सितंबर को अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस फाइल किया। इससे आईपीओ को लेकर एनएसई के प्लान में बदलाव के बारे में पता चला है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका मुकाबला बीएसई से है, जो पहले से शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। बीएसई के शेयर ने लिस्टिंग के बाद से इनवेस्टर्स को मालामाल किया है।

NSE का आईपीओ अब 23,000 करोड़ का हो सकता है

NSE ने आईपीओ का साइज घटा दिया है। पहले एक्सचेंज के आईपीओ का आकार 30,000 करोड़ रुपये का होने का अनुमान था। अब इसके 23,000 करोड़ रुपये के होने का अनुमान है। एक्सचेंज ने आईपीओ के अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स में यह बताया है। इसका मतलब है कि अब एनएसई का आईपीओ Hyundai Motor India के आईपीओ का रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा।


सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा

Hyundai Motor India ने करीब दो साल पहले IPO पेश किया था। यह आईपीओ 27,870 करोड़ रुपये का था। यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले LIC ने 2022 में करीब 21000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ था। पहले लग रहा था कि NSE का आईपीओ हुंडई के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ देगा। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड हुंडई के नाम बना रहेगा।

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा

एनएसई के आईपीओ का आकार घटने की वजह यह है कि कुछ पुराने इनवेस्टर्स अब आईपीओ में पहले के प्लान से कम शेयर बेचेंगे। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। इसलिए उसे आईपीओ से कोई पैसा नहीं मिलेगा। सिर्फ कुछ पुराने शेयरहोल्डर्स अपने शेयर इस इश्यू में बेचेंगे।

कुछ पुराने इनवेस्टर्स ने कम शेयर बेचने का लिया फैसला

GIC Re का पहले एनएसई के 1.066 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। न्यू इंडिया एश्योरेंस का 1.05 करोड़ शेयर बेचने का प्लान था। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में से प्रत्येक ने 60-60 लाख शेयर बेचने का प्लान बनाया था। कुल मिलाकर ये चारों इंश्योरेंस कंपनियां एनएसई के करीब 3.37 करोड़ शेयर बेचने वाली थी। लेकिन, अब इन कंपनियों ने कम शेयर बेचने का फैसला किया है।

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प्राइस बैंड भी पहले के अनुमान से कम रह सकता है

तीसरा बदलाव यह है कि अब एनएसई के शेयर का प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपये रहने का अनुमान है। पहले इसके करीब 2000 रुपये का अंदाजा लगाया गया था। हालांकि, कंपनी ने अभी इस बारे में औपचारिक ऐलान नहीं किया है। अगर कंपनी प्राइस बैंड घटाती है तो इसका मतलब है कि इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए जिस मिनिमम अमाउंट की जरूरत होगी, वह कम हो जाएगी। NSE आईपीओ का ऐलान एक-दो दिन के अंदर कर सकता है। इस महीने के आखिर में शेयरों के स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाने की उम्मीद है।

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