नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आईपीओ 17 सितंबर को खुल जाएगा। शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को हो जाने की उम्मीद है। लिस्टिंग के साथ ही एनएसई का शेयर टॉप 15 क्लब का हिस्सा बन जाएगा। इसका मतलब है कि यह शेयर मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 15 सबसे बड़ी कंपनियों में शामिल हो जाएगा।
एनएसई की वैल्यूएशन 4.21-4.42 लाख करोड़ के बीच
NSE ने प्रति शेयर 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक्सचेंज ऑफर फॉर सेल के जरिए 126.44 करोड़ शेयर बेच रहा है। प्राइस बैंड के अपर लेवल पर यह इश्यू 22,562 करोड़ रुपये का है। आईपीओ के लिए एनएसई की वैल्यूएशन 4.21-4.42 लाख करोड़ रुपये के बीच है।
सबसे ज्यादा एम-कैप वाली 15 कंपनियों की लिस्ट में होगा शामिल
शेयर के प्राइस बैंड के अपर लेवल पर एनएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,41,788 करोड़ आता है, जिससे यह देश की 12वीं सबसे बड़ी कंपनी बनने के रास्ते पर है। यह टॉप 15 कंपनियों की लिस्ट में Titan Company से ठीक नीचे होगी, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,44,736 करोड़ रुपये है। यह (NSE) सन फार्मास्युटिकल्स से ठीक ऊपर होगी, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,41,478 करोड़ रुपये है।
प्राइस बैंड के लोअर लेवल पर लिस्टिंग हुई तो इंफोसिस के नीचे होगा एनएसई
अगर एनएसई के शेयरों की लिस्टिंग प्राइस बैंड के लोअर लेवल पर होती है तो इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,20,750 करोड़ रुपये होगा। इससे यह लिस्ट में Infosys के नीचे होगी, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,21,123 करोड़ रुपये है। लेकिन, कोटक महिंद्रा बैंक के ऊपर होगी, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,16,807 करोड़ रुपये है।
सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्युंडई के नाम
पहले NSE के आईपीओ का साइज 30,000 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था। लेकिन, बाद में कुछ पुराने इनवेस्टर्स ने ओएफएस के तहत कम शेयर बेचने का फैसला लिया। इससे आईपीओ का साइज घट गया। अगर यह आईपीओ 30,000 करोड़ रुपये का होता तो यह देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाता। अभी ह्यूंडई मोटर इंडिया के नाम देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड है। यह आईपीओ 2024 में आया था।
21 सितंबर को बंद हो जाएगा एनएसई का आईपीओ
एनएसई का आईपीओ 21 सितंबर को बंद हो जाएगा। इनवेस्टर्स को कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 8 शेयरों का है। एनएसई का मुकाबला बीएसई से है, जो न सिर्फ भारत का बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। लेकिन, यह ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में एनएसई से काफी पीछे हैं।