एनएसई के आईपीओ से पर्दा उठ चुका है। इस महीने के आखिर में एक्सचेंज के शेयर लिस्ट हो जाएंगे। मार्केट में एनएसई के शेयर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। चूंकि एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जिससे इसके शेयरों पर करीबी नजर है। सवाल है कि लिस्टिंग के बाद एनएसई के शेयरों की डिमांड और सप्लाई की तस्वीर कैसी होगी?
4 लाख करोड़ के एम-कैप के हिसाब से शेयर की सप्लाई कम
सीएनबीसी-टीवी18 के साथ शेयर किए गए एक वीडियो एनालिसिस में Fident Asset Management के फाउंडर और सीआईओ की तरफ से कई अहम बाते बताई गई हैं। कहा गया है कि अगर 50 फीसदी एलिजिबल शेयरहोल्डर्स भी लिस्टिंग के दिन एग्जिट करते हैं तो सप्लाई का डेटा टोटल कैपिटल बेस का करीब 2.75 फीसदी रहेगा। यह करीब 14,000 करोड़ रुपये का होगा, जो 4.41 लाख के मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से काफी कम संख्या है।
शेयरों से एग्जिट करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है
इस वीडियो में यह कहा गया है कि कैटेगरी I और II अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड्स (AIF), वेंचर कैपिटल फंड्स और FVCIs लिस्टिंग के दिन शेयर बेच सकते हैं। हालांकि, ऐसा तभी होगा जब उनके पास शेयर छह महीनों से हों। बाकी सभी मौजूदा शेयरहोल्डर्स लिस्टिंग के छह महीने बाद ही शेयर बेच सकेंगे।
FTSE सूचकांकों का जल्द हिस्सा बनेगा शेयर
इसका मतलब है कि लिस्टिंग के दिन एनएसई के प्री-ऑफर कैपिटल का सिर्फ 5.48 फीसदी शेयर लिस्टिंग के दिन बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसका मतलब है कि कम से कम पहले छह महीनों के लिए बाजार में शेयर का फ्री-फ्लोट कम बना रहेगा। Fident का मानना है कि आईपीओ में NSE के मार्केट कैपिटलाइजेशन और लिस्टिंग के बाद की स्थिति को देखते हुए इस बात की काफी संभावना है कि यह FTSE सूचकांकों का जल्द हिस्सा बनेगा। MSCI में इसका शामिल होना इसके फ्री-फ्लोट पर निर्भर करेगा।
शेयर बीएसई के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे
एनएसई के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे, लेकिन एक्सचेंज के कई दूसरे सूचकांकों में ये धीरे-धीरे शामिल होंगे। Fident का मानना है कि शेयर जून 2028 तक ही सेंसेक्स का हिस्सा बन सकेंगे। Fident का कहना है कि एक बार एनएसई के शेयर के BSE 500 इंडेक्स में शामिल हो जाने पर इसकी ज्यादा डिमांड एक्टिव फंड्स की तरफ से आएगी न कि पैसिव फंड्स की तरफ से। इसकी वजह यह है कि ज्यादा एक्टिव फंड्स का बेंचमार्क BSE 500 इंडेक्स है।
17 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा आईपीओ
Fident की रिपोर्ट में कहा गया है कि म्यूचुअल फंड्स का करीब 2 लाख करोड़ रुपये के AUM का बेंचमार्क BSE 500 है। 2.2 फीसदी वेटेज के साथ बीएसई 500 में शेयर की एंट्री का मतलब है कि एनएसई के करीब 11,000 करोड़ रुपये के शेयरों की डिमांड होगी। NSE का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17 सितंबर को ओपन होगा। कंपनी ने 1,700-1,785 का प्राइस बैंड तय किया है। इसका मतलब है कि एक्सचेंज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.41 लाख करोड़ रुपये का होगा।