NSE दुनिया के 30 से ज्यादा इनवेस्टर्स को इस महीने अपने आईपीओ के बारे में बताएगा

सूत्रों ने बताया कि अगले हफ्ते एनएसई की इनवेस्टर मीटिंग्स शुरू हो जाने की उम्मीद है। एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग अक्तूबर में हो जाने की उम्मीद है। इस साल जियो प्लेटफॉर्म्स का भी आईपीओ आने वाला है। ये दोनों मेगा आईपीओ होंगे

अपडेटेड Jul 11, 2026 पर 4:01 PM
एनएसई के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकते हैं।

एनएसई इस महीने दुनिया के 30 से ज्यादा बड़े इनवेस्टर्स को अपने आईपीओ के बारे में जानकारी देगी। एक्सचेंज ने पिछले महीने सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए थे। इस साल दो बड़े मेगा आईपीओ बाजार में आने वाले हैं। एनएसई के अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स का भी आईपीओ आने वाला है। ये दोनों ही बड़े आईपीओ होंगे।

अगले हफ्ते इनवेस्टर मीटिंग्स शुरू हो जाने की उम्मीद है

एनएसई के आईपीओ के बारे में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि अगले हफ्ते इनवेस्टर मीटिंग्स शुरू हो जाने की उम्मीद है। एक्सचेंज के शेयरों की लिस्टिंग अक्तूबर में हो जाने की उम्मीद है। इस बारे में पूछने पर एनएसई के प्रवक्ता ने कहा कि एक्सचेंज ने रेगुलेटर के पास पेपर फाइल कर दिए हैं। इस वक्त इस बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती।


यह आईपीओ 3.3 अरब डॉलर का हो सकता है

रायटर्स ने पिछले महीने अपने सूत्रों और प्राइवेट मार्केट ट्रेड्स के हवाले से बताया था कि एनएसई का आईपीओ 3.3 अरब डॉलर का हो सकता है। एनएसई के मौजूदा शेयरहोल्डर्स आईपीओ में करीब 6 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। भारत के दूसरे बड़े एक्सचेंज BSE का आईपीओ 2017 में आया था। लिस्टिंग के बाद से बीएसई के शेयर की कीमत 30 गुना से ज्यादा हो गई है।

एनएसई का रेवेन्यू बीएसई का छह गुना 

बीएसई का मुकाबला एनएसई से है। बीते कुछ सालों में बीएसई के प्रदर्शन में सुधार दिखा है। FY26 में इसकी रेवेन्यू ग्रोथ 88 फीसदी रही। एनएसई के रेवेन्यू में इस दौरान 3 फीसदी की गिरावट आई। इसमें डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के सेबी के सख्त नियमों का ब़ड़ा हाथ है। हालांकि, एनएसई का रेवेन्यू बीएसई का करीब छह गुना है।

एनएसई इनवेस्टर्स को संभावित ग्रोथ के बारे में बताएगा

NSE इनवेस्टर्स को अपने संभावित प्रदर्शन के बारे में बताएगा। वह इनवेस्टर्स को बताएगा कि अगले पांच सालों में कैश इक्विटीज और इक्विटीज फ्यूचर्स की सालाना टर्नओवर ग्रोथ 12 फीसदी रह सकती है। इक्विटी ऑप्शंस की ग्रोथ अगले पांच सालों में सालाना 10 फीसदी रह सकती है। अभी इक्विटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग में एनएसई की हिस्सेदारी 100 फीसदी है। कैश मार्केट में हिस्सेदारी 93 फीसदी है और इक्विटी ऑप्शंस में 75 फीसदी है।

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भारत में शेयर ट्रेडिंग बढ़ने की बड़ी संभावना

एनएसई ने कहा है कि भारत में शेयर बाजार तक लोगों की पहुंच अभी विकसित देशों के मुकाबले बहुत कम है। इसलिए शेयर ट्रेडिंग का वॉल्यूम बढ़ने की काफी ज्यादा संभावना है। एनएसई को करेंसी डेरिवेटिव्स मार्केट में भी अपनी ग्रोथ 15 फीसदी रहने की उम्मीद है। एनएसई का सीनियर मैनेजमेंट अगले हफ्ते से संस्थागत निवेशकों से मुलाकात का सिलसिला शुरू करेगा। मैनेजमेंट सिंगापुर, मलेशिया, हांगकांग इस महीने के अंत तक रोडशो कर सकता है।

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