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Akums Drugs and Pharma IPO का प्राइस बैंड फिक्स, चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत

Akums Drugs and Pharma IPO: एकम्स ड्रग्स एंड फार्मा (Akums Drugs and Pharma) आईपीओ ला रही है और इसका प्राइस बैंड फिक्स हो गया। यह आईपीओ अगले हफ्ते मंगलवार 30 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह एक कारोबारी दिन पहले यानी सोमवार 29 जुलाई को खुलेगा। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों की एंट्री एनएसई और बीएसई पर होगी

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jul 25, 2024 पर 10:49 AM
Akums Drugs and Pharma IPO का प्राइस बैंड फिक्स, चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत
फार्मा कंपनी Akums Drugs and Pharma एक फार्मा कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैनुफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन (CDMO) है।

Akums Drugs and Pharma IPO: एकम्स ड्रग्स एंड फार्मा (Akums Drugs and Pharma) आईपीओ ला रही है और इसका प्राइस बैंड फिक्स हो गया। यह आईपीओ अगले हफ्ते मंगलवार 30 जुलाई को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह एक कारोबारी दिन पहले यानी सोमवार 29 जुलाई को खुलेगा। बाजार नियामक सेबी के पास दाखिल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक इसके लिस्टेड पियर्स डिविस लैब. सुवेन फार्मा, ग्लैंड फार्मा, टोरेंट फार्मा, एल्केम लैबोरेटरीज, एरिस लाइफसाइंसेज, जेबी केमिकल्स, मैनकाइंड फार्मा और इनोवा कैपटैब हैं। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों की एंट्री एनएसई और बीएसई पर होगी।

Akums Drugs and Pharma IPO की डिटेल्स

एकम्स ड्रग्स एंड फार्मा का 1,856.74 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए अगले हफ्ते 30 जुलाई को खुलेगा और इसमें 1 अगस्त तक पैसे लगा सकेंगे। इस इश्यू के तहत 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों के लिए 646 रुपये-679 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया गया है। लॉट साइज 22 शेयरों का है। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर 64 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा। इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 10 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट में 2 अगस्त को फाइनल होगा। इसके बाद शेयरों की एनएसई और बीएसई पर 6 अगस्त को लिस्टिंग होगी।

इस आईपीओ के तहत 680 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा दो रुपये की फेस वैल्यू 17,330,435 शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करने, अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

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