Sah Polymers IPO: पॉलीमर बैग बनाने वाली दिग्गज कंपनी साह पॉलीमर्स (Sah Polymers) का 66 करोड़ रुपये का आईपीओ दूसरे दिन पूरा भर गया है। सबसे शानदार रिस्पांस खुदरा निवेशकों का रहा। उनके लिए आरक्षित हिस्सा 7 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ है। ओवरऑल यह इश्यू 2.37 गुना सब्सक्राइब हुआ है। यह इश्यू पिछले साल 30 दिसंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसमें 4 जनवरी तक पैसे लगा सकते हैं। मार्केट एक्सपर्ट इस इश्यू को लेकर पॉजिटिव हैं और ग्रे मार्केट में भी शेयर प्रीमियम पर मिल रहे हैं।
कैटेगरीवाइस सब्सक्रिप्शन डिटेल्स
क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB)- 0.39 गुना
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII)- 2.94 गुना
ब्रोकरेज फर्म ने दी सब्सक्राइब रेटिंग
साह पॉलीमर्स का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो काफी बड़ा है और इसके भारत समेत कई देशों में ग्राहक हैं। इसके अलावा मारवाड़ी शेयर्ड एंड फाइनेंशयिल सर्विसेज के मुताबिक कंपनी की ग्रोथ की गुंजाइश के हिसाब से आईपीओ में बेहतर वैल्यूएशन पर पैसे लगाने का मौका है। ऐसे में घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने इसे सब्सक्राइब रेटिंग दी है। वहीं ग्रे मार्केट में यह 5 रुपये की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर ट्रेड हो रहा है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के हिसाब से निवेश का फैसला लेना चाहिए।
Sah Polymers IPO की डिटेल्स
साह पॉलीमर्स का आईपीओ 30 दिसंबर को खुला था और 4 जनवरी तक इसमें पैसे लगा सकते हैं। इस इश्यू के तहत कंपनी 1.02 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी और ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत शेयरों की बिक्री नहीं होगी। इश्यू का 75% हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB), 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) और 10% हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा। शेयरों का अलॉटमेंट 9 जनवरी को फाइनल होगा और बीएसई-एनएसई पर 12 जनवरी को लिस्टिंग होगी। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है। नए शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कर्ज चुकता करने, कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।
कंपनी के बारे में डिटेल्स
साह पॉलीमर्स प्लास्टिक की बोरी बनाती है जिसका इस्तेमाल एग्रो पेस्टिसाइड्स, दवा, सीमेंट, केमिकल, खाद, फूड प्रोडक्ट्स, कपड़े, टाइल्स और स्टील इंडस्ट्री में होता है। इसका कारोबार देश के 6 राज्यों और एक यूनियन टेरिटरी समेत अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कैरेबियन में फैला हुआ है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2022 में इसे सालाना आधार पर 244 फीसदी अधिक 4.38 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ था। इसका रेवेन्यू भी 46.2 फीसदी बढ़कर 80.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं इससे पहले वित्त वर्ष 2020 में महज 30 लाख रुपये का मुनाफा हासिल हुआ था। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही अप्रैल-जून में 1.25 करोड़ रुपये का मुनाफा और 27.22 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ था।