Sah Polymers IPO: पैकेजिंग सॉल्युशन मुहैया कराने वाली साह पॉलीमर्स (Sah Polymers) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को शुक्रवार 30 दिसंबर को बोली खुलने के पहले दिन करीब 86 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी ने अपने IPO के तहत कुल 56.1 लाख शेयरों को बिक्री के लिए रखा है, जिसमें से उसे पहले दिन 48.04 लाख शेयरों के लिए बोलियां मिली है। साह पॉलीमर्स इस साल खुलने वाला आखिरी IPO है और इसके लिए अगले हफ्ते 4 जनवरी 2023 तक बोली लगाई जा सकती है। स्टॉक एक्सचेंजों पर मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी को पहले दिन रिटेल निवेशकों से सबसे अधिक बोली मिली, जिन्होंने अपने हिस्से के शेयरों का करीब 2.07 गुना अधिक सब्सक्राइब किया है।
वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए आरक्षित शेयरों का कोटा भी पहले दिन पूरा 100% सब्सक्राइब हो गया। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित शेयरों का हिस्सा पहले दिन 38 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।
एंकर निवेशकों से जुटाए 30 करोड़
66.3 करोड़ रुपये जुटने की तैयारी
कंपनी पब्लिक ऑफर के जरिये 66.3 करोड़ रुपये जुटाने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें सिर्फ नए इश्यू शामिल होंगे। इसका मतलब है कि कंपनी इस पूंजी को अपने लिए इस्तेमाल करेगी। कंपनी की आईपीओ से मिली पूंजी के जरिये फ्लेक्सिबिल इंटरमीडिएट बल्क कंटेनर (एफआईबीसी) का एक नया वेरिएंट बनाने के लिए एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की योजन है। साथ ही, इससे कुछ कर्ज चुकाया जाएगा और वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी की जाएंगी।
61-65 रुपये प्रति शेयर का है प्राइस बैंड
Sah Polymers ने अपने IPO के लिए 61-65 रुपये का प्राइस बैंड और 230 शेयरों का लॉट साइज फिक्स किया गया है यानी कि रिटेल निवेशकों को प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से कम से कम 14950 रुपये निवेश करना होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 9 जनवरी को फाइनल होगा और बीएसई-एनएसई पर लिस्टिंग 12 जनवरी को होगी।
कंपनी का क्या है कारोबार?
साह पॉलीमर्स एग्रो पेस्टिसाइड्स, दवा, सीमेंट, केमिकल, खाद, फूड प्रोडक्ट्स, कपड़े, टाइल्स और स्टील इंडस्ट्री के कंपनियों को बोरी बनाकर सप्लाई करती है। इसका कारोबार देश के 6 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश समेत अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कैरेबियन में फैला हुआ है। कंपनी को वित्त वर्ष 2020 में महज 30 लाख रुपये का मुनाफा हासिल हुआ था जिसके बाद अगले वित्त वर्ष 2021 में यह बढ़कर 1.27 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2021-22 में 4.38 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ।