Sai Parenterals IPO: आज से खुला फार्मा कंपनी का ₹409 करोड़ का इश्यू, निवेश करने से पहले जानें पूरी डिटेल्स

Sai Parenterals IPO: आईपीओ खुलने से पहले ही बड़े संस्थानों ने इस आईपीओ में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹122 करोड़ जुटा लिए है। ₹372 से ₹392 प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाले इस आईपीओ में 27 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है

अपडेटेड Mar 24, 2026 पर 9:46 AM
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आईपीओ खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹392 के भाव पर ₹122 करोड़ जुटा लिए है

Sai Parenterals IPO: फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी साई पैरेंटरल्स का आईपीओ 24 मार्च यानी आज से निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी अपने इश्यू के जरिए ₹409 करोड़ जुटाने की प्लानिंग में है। अगर आप भी इस आईपीओ में दांव लगाने की सोच रहे हैं, तो इसके बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल हेल्थ के बारे में विस्तार से जान लें।

एंकर इन्वेस्टर्स का तगड़ा रिस्पांस

आईपीओ खुलने से पहले ही बड़े संस्थानों ने इस आईपीओ में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹392 के भाव पर ₹122 करोड़ जुटा लिए है। एंकर राउंड में मॉर्गन स्टेनली (Asia), कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस और क्वांट म्यूचुअल फंड जैसे बड़े नाम शामिल हुए हैं।


IPO की जरूरी डिटेल्स

  • महत्वपूर्ण तारीख: 24 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक खुला रहेगा।
  • प्राइस बैंड: ₹372 से ₹392 प्रति शेयर
  • इश्यू का प्रकार: इसमें ₹285 करोड़ का 'फ्रेश इश्यू' और बाकी 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) शामिल है।
  • लॉट साइज: निवेशक कम से कम 38 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए ₹14896 का न्यूनतम निवेश करना होगा।
  • अलॉटमेंट: 30 मार्च
  • लिस्टिंग: 2 अप्रैल

कंपनी क्या करती है?

साई पैरेंटरल्स एक डाइवर्सिफाइड फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन कंपनी है। इसका बिजनेस मुख्य रूप से दो हिस्सों ब्रांडेड जेनेरिक फॉर्मूलेशन और CDMO सर्विसेज में बंटा है। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए दवाएं बनाने के साथ अन्य फार्मा कंपनियों के लिए रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग की सुविधा देती है। कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कार्डियोवैस्कुलर (हृदय), एंटी-डायबिटिक, एंटीबायोटिक्स और डर्मेटोलॉजी जैसे क्षेत्रों में इंजेक्टेबल्स, टैबलेट, कैप्सूल और ऑइंटमेंट शामिल है।

कहां होगा आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल?

कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल विस्तार के लिए किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य ग्लोबल विस्तार करते हुए वैश्विक फॉर्मूलेशन बिजनेस को मजबूत करना, इंजेक्शन और ओरल सॉलिड डोसेज (OSD) के क्षेत्र में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड जैसे रेगुलेटेड मार्केट्स में अपनी पकड़ मजबूत करना है।

कैसा रहा है वित्तीय प्रदर्शन?

कंपनी के आंकड़ों में पिछले कुछ वर्षों में अच्छी ग्रोथ देखी गई है। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का रेवेन्यू ₹96.7 करोड़ था, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर ₹163 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने ₹14.4 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया, जबकि वित्त वर्ष 2023 में यह मात्र ₹4.37 करोड़ था। सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों में कंपनी ने ₹86.9 करोड़ का रेवेन्यू और ₹7.7 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है।

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