SBI Funds Management IPO के लिए ₹545-574 प्रति शेयर रहेगा प्राइस बैंड, 14 जुलाई से ओपनिंग

SBI Funds Management IPO: 1992 में बनी SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की SBI फंड्स मैनेजमेंट में 61.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के पास है

अपडेटेड Jul 09, 2026 पर 9:36 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
SBI Funds Management IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा।

SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपने IPO के लिए प्राइस बैंड ₹545-574 प्रति शेयर तय कर दिया है। यह इश्यू 14 जुलाई को खुलने वाला है। एंकर इनवेस्टर 13 जुलाई को बोली लगा सकेंगे। IPO की क्लोजिंग 16 जुलाई को होगी। इसके बाद कंपनी के शेयर 21 जुलाई को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं। इस IPO का साइज ₹11692.91 करोड़ है।

यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। लिहाजा IPO से होने वाली कमाई शेयर बेचने वालों के पास जाएगी। OFS में प्रमोटर और मौजूदा निवेशकों की ओर से 20.37 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। OFS में प्रमोटर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 12.83 करोड़ शेयर (6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी) और पेरिस स्थित अमुंडी इंडिया होल्डिंग 7.53 करोड़ शेयर (3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी) बेचेगी।

IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, SBI फंड्स मैनेजमेंट का लिस्टिंग के बाद मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.17 लाख करोड़ होने की उम्मीद है।


SBI के पास कितनी हिस्सेदारी

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की SBI फंड्स मैनेजमेंट में 61.76 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 36.26 प्रतिशत हिस्सेदारी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के पास है। कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 12 जून का मंजूरी दी थी। SBI फंड्स मैनेजमेंट ने 19 मार्च, 2026 को SEBI के पास अपना DRHP जमा किया था। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, कोटक महिंद्रा कैपिटल, एक्सिस कैपिटल, जेफरीज इंडिया, ICICI सिक्योरिटीज, HSBC सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया), मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, JM फाइनेंशियल, SBI कैपिटल मार्केट्स और BofA सिक्योरिटीज इस IPO के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।

SBI की लिस्ट होने वाली तीसरी सब्सिडियरी

1992 में बनी SBI फंड्स मैनेजमेंट देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। यह भारत की सबसे पुरानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी भी है और SBI म्यूचुअल फंड के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है। 2004 में इसमें सोसाइटे जेनरेल एसेट मैनेजमेंट SA ने 37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। तब से यह एक जॉइंट वेंचर है। बाद में 2011 में अमुंडी एसेट मैनेजमेंट ने अपनी सब्सिडियरी अमुंडी इंडिया होल्डिंग के जरिए यह हिस्सेदारी हासिल कर ली। अगर लिस्टिंग की योजनाएं सफल होती हैं, तो यह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की तीसरी सब्सिडियरी होगी जो स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होगी।

NSE के आईपीओ के बारे में बड़ा अपडेट, अगले महीने मिल सकती है सेबी की मंजूरी

SBI Funds Management की वित्तीय सेहत

हाल के वर्षों में SBI फंड्स मैनेजमेंट की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस मजबूत रही है। अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 25.9 प्रतिशत बढ़कर 2,432.9 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 1,933 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू भी 23 प्रतिशत बढ़कर 3,250.6 करोड़ रुपये हो गया, जो अप्रैल-दिसंबर 2024 में 2,641.9 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का मुनाफा 2,540.2 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 2,072.8 करोड़ रुपये से 22.5 प्रतिशत ज्यादा है। रेवेन्यू 33.7 प्रतिशत बढ़कर 3,597.8 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024 में 2,690.6 करोड़ रुपये था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।