भारत में इस साल ताबड़तोड़ IPO लॉन्च हो रहे हैं। एक के बाद एक कई कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होने के लिए रेस में हैं। अकेले सितंबर महीने में मेनबोर्ड सेगमेंट के 12 पब्लिक इश्यू आए। यह इस साल किसी एक महीने में आए IPO का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इन 12 कंपनियों ने IPO से कुल मिलाकर 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए।
इसके अलावा, सितंबर में 39 एसएमई IPO आए, जिनके जरिए कुल मिलाकर लगभग 1,542 करोड़ रुपये जुटाए गए। इस तरह सितंबर 2024, पिछले 10 वर्षों में एसएमई आईपीओ के मामले में सबसे ज्यादा एक्टिव मंथ बन गया।
सितंबर में 40 से ज्यादा IPO ड्राफ्ट फाइल
इस बीच, IPO लाने के लिए ड्राफ्ट की फाइलिंग के मामले में भी उछाल देखा गया। सितंबर में 40 से ज्यादा कंपनियों ने ड्राफ्ट डॉक्युमेंट दाखिल किए। वहीं 1 अक्टूबर को आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों ने ड्राफ्ट फाइल किए। साल 2024 में अब तक 62 कंपनियों ने IPO के जरिए कुल 64,485 करोड़ रुपये जुटाए हैं। 204 एसएमई कंपनियों ने कुल मिलाकर 6,959 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
एनालिस्ट्स का मानना है कि बाजार के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर होने के कारण, IPO की लहर जारी रहने की उम्मीद है। हुंडई और स्विगी जैसी प्रमुख लिस्टिंग्स का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि मजबूत लिक्विडिटी और खुदरा भागीदारी वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही तक IPO की रफ्तार को कायम रखेगी। 2024 के कई IPO मल्टी-बैगर रिटर्न दे चुके हैं।
साल 2024 विकास और अवसर का वर्ष
एनालिस्ट्स 2024 को “विकास और अवसर का वर्ष” कह रहे हैं। इस साल दो दशकों में सबसे अधिक IPO गतिविधि देखने को मिलेगी। हालांकि, एनालिस्ट्स का एक वर्ग निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह भी दे रहा है। इंडिपेंडेंट एनालिस्ट्स अजय बग्गा ने चेतावनी दी कि आईपीओ बाजार में उन्माद की स्थिति है, जो काफी हद तक लालच से प्रेरित है।