लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज लिमिटेड का IPO 2.86 गुना भरकर बंद हो चुका है। 1907.27 करोड़ रुपये के इस पब्लिक इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 4 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.88 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 2.43 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 2.17 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब 23 जनवरी को अलॉटमेंट फाइनल होने वाला है। जिन लोगों ने शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार Kfin Technologies और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट पर जाकर अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है...
Kfin Technologies की वेबसाइट से
कंपनी के प्रमोटर अभिषेक बंसल और वैभव खंडेलवाल हैं। अभिषेक शैडोफैक्स में मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हैं। वहीं वैभव होल टाइम डायरेक्टर और चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हैं। शैडोफैक्स टेक्नोलोजिज BSE, NSE पर 28 जनवरी को लिस्ट होने वाली है। IPO के लिए प्राइस बैंड 118 से 124 रुपये प्रति शेयर था।
शैडोफैक्स कई तरह के एंटरप्राइज क्लाइंट्स को सर्विस देती है। इनमें हॉरिजॉन्टल और नॉन-हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड मार्केटप्लेस और ऑन-डिमांड मोबिलिटी कंपनियां शामिल हैं। कंपनी एक्सप्रेस फॉरवर्ड पार्सल डिलीवरी, रिवर्स पिकअप, ऑन-डिमांड हाइपरलोकल और क्रिटिकल लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन देती है। सितंबर 2025 तक कंपनी का सर्विस नेटवर्क 14,758 भारतीय पिनकोड तक फैला हुआ था।
अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान शैडोफैक्स ने लगभग ₹1,800 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। यह एक साल पहले से 68% ज्यादा है। वित्त वर्ष 2025 में इसका कुल रेवेन्यू ₹2,485 करोड़ था। ई-कॉमर्स एक्सप्रेस पार्सल सेगमेंट, कंपनी के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा योगदान देता है। इसकी कंपनी के बिजनेस में लगभग 70% हिस्सेदारी है। लगभग 20% रेवेन्यू हाइपरलोकल और क्विक कॉमर्स लॉजिस्टिक्स से आता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।