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अप्रैल में सुस्ती के बाद SME IPO मार्केट में लौटी बहार, मई में 133 फीसदी ज्यादा पैसे जुटाए गए

लोकसभा चुनावों की शुरुआत अप्रैल में हुई थी। तब एसएमई आईपीओ लॉन्च होने की रफ्तार कुछ सुस्त पड़ गई थी। लेकिन, मई में फिर से इस बाजार की रौनक लौट आई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चुनावों के दौरान ऐसा लगता है कि कुछ एसएमई ने इनवेस्टर्स के सेंटिमेंट को जानने के लिए आईपीओ के प्लान टाल दिए थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 17, 2024 पर 1:15 PM
अप्रैल में सुस्ती के बाद SME IPO मार्केट में लौटी बहार, मई में 133 फीसदी ज्यादा पैसे जुटाए गए
प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, मई में कुल 24 एसएमई आईपीओ आए थे। यह अप्रैल के 12 एसएमई आईपीओ का दोगुना है।

लोकसभा चुनावों की शुरुआत में मार्केट में उतारचढ़ाव के बीच एसएमई आईपीओ सेगमेंट में थोड़ी सुस्ती आई थी। बाद में एसएमई आईपीओ मार्केट में रौनक लौट आई। प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, मई में कुल 24 एसएमई आईपीओ आए थे। यह अप्रैल के 12 एसएमई आईपीओ का दोगुना है। मई में आए एसएमई आईपीओ के आकार भी बड़े थे। मई में आए कुल आईपीओ 731 करोड़ रुपये के थे। यह अप्रैल में आए कुल 314.31 करोड़ रुपये के आईपीओ से 133 फीसदी ज्यादा है। जून में कुछ एसएमई के आईपीओ मार्केट में आ चुके हैं।

अप्रैल में एसएमई आईपीओ मार्केट में सुस्ती 

मार्केट पार्टिसिपेंट का मानना है कि लोकसभा चुनावों की शुरुआत में एसएमई आईपीओ बाजार में थोड़ी सुस्ती दिखी थी। इसकी वजह यह थी कि कंपनियां आईपीओ का टाइम तय करने के लिए इनवेस्टर्स का सेंटिमेंट देखना चाहती थीं। खंबाटा सिक्योरिटीज के ग्रुप सीईओ और एमडी सुनील शाह ने कहा, "मार्केट में उतारचढ़ाव और चुनावों के चलते कुछ एसएमई ने अपने आईपीओ के प्लान टाल दिए होंगे।"

चुनावों के चलते कई एसएमई ने इंतजार करो और देखों की नीति अपनाई

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