स्टार्टअप को खुद को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराना आसान होगा। SEBI ने इसके लिए मिनिमम प्रमोटर कंट्रिब्यूशन (MPC) के नियमों में रियायत दी है। अभी किसी कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराने के लिए उसमें प्रमोटर की कम से कम 20 फीसदी हिस्सेदारी जरूरी है। कई स्टार्टअप पूंजी जुटाने के लिए इनवेस्टर्स को हिस्सेदारी ऑफर करते हैं। इससे कंपनी में उनकी अपनी हिस्सेदारी काफी कम रह जाती है। हिस्सेदारी 20 फीसदी से कम रह जाने पर उनके लिए लिस्टिंग का रास्ता बंद हो जाता है। सेबी ने पिछले हफ्ते कहा कि वह एलिजिबल इनवेस्टर्स की लिस्ट बढ़ाएगी। इसमें ऐसे नॉन-इंडिविजुअल इनवेस्टर्स को भी शामिल किया जाएगा, जिनकी कंपनी में 5 फीसदी या इससे ज्यादा हिस्सेदारी होगी।
