Sula Vineyards IPO Opens Today: सुला विनयार्ड्स के निवेशकों को प्रॉफिट का नशा होगा या फिर Dry Day रहेगा
Sula Vineyards IPO Opens Today: सुला विनयार्ड्स का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है. निवेशकों को इसी बात की चिंता होनी चाहिए. लेकिन इसके साथ ही कंपनी के ग्रोथ को भी बढ़ावा देने वाले कुछ ट्रिगर हैं जिन्हें निवेश से पहले जान लीजिए. अगर आप भी निवेश के मूड में हैं तो इसे पढ़ लीजिए
MoneyControl News
अपडेटेड Dec 12, 2022 पर 7:56 PM
Sula Vineyards का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल है। यानि IPO से जुटाई गई रकम कंपनी के कामकाज में नहीं लगाई जाएगी
Sula Vineyards IPO Opens Today: कहते हैं कि वाइन पीते हुए कभी ग्लास नहीं गिनना चाहिए। लेकिन बात जब Sula Vineyards IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की हो तो जरूर गिनना चाहिए। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि Sula Vineyards का GMP फिलहाल 33 रुपए चल रहा है। Sula Vineyards नासिक की कंपनी है। GMP को देखकर निवेशक काफी उत्साहित हैं। Sula Vineyards का इश्यू 12 दिसंबर को खुला और 14 दिसंबर को बंद होगा। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। कंपनी का इश्यू प्राइस 340-357 रुपए है। IPO मार्केट से जुड़े रहने वाले एक एक्टिव पार्टिसिपेंट्स मेहुल बुमतारिया ने कहा, "मौजूदा GMP के मुताबिक, रिटेल इनवेस्टर्स Sula Vineyards की लिस्टिंग से 9-10% लिस्टिंद गेन की उम्मीद कर सकते हैं।"
Sula Vineyards को लेकर निवेशक क्यों हैं उत्साहित
Sula Vineyards के इश्यू को लेकर निवेशक काफी उत्साहित हैं। इसकी वजह है कि प्रतिद्वंदी कंपनियों के मुकाबले सुला विनयार्ड्स का वैल्यूएशन कम यानि डिस्काउंटेड है।
कंपनी की तरफ से जमा दस्तावेज (DRHP) के मुताबिक, 31 मार्च 2022 तक कंपनी का अर्निंग/शेयर (EPS) 6.79 रुपए है। अगर हम 357 रुपए के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से देखें तो फिस्कल ईयर 2022 के लिए Sula Vineyards का P/E 52.5 है।
इस बीच Sula Vineyards की प्रतिद्वंदी कंपनी रैडिको खेतान (Radico Khaitan) 55.16 गुने , यूनाइटेड स्पिरिट्स (United Spirits) 80 गुने और यूनाइटेड ब्रुवरीज (United Breweries) 127 गुने पर ट्रेड कर रहे हैं।
Sula Vineyards की बैलेंस शीट क्या कहता है?
सितंबर 2022 तिमाही के अंत तक Sula Vineyards की आउटस्टैंडिंग बॉरोइंग (कर्ज) 231.5 करोड़ रुपए और 13 करोड़ रुपए का कैश या नकदी समान दूसरी चीजे हैं।
पिछले 5 साल में Sula Vineyards का वित्तीय प्रदर्शन में काफी उतारचढ़ाव रहा है। मार्च 2018 में खत्म फिस्कल ईयर में कंपनी का नेट प्रॉफिट 12.3 करोड़ रुपए था। इसके बाद मार्च 2019 में खत्म फिस्कल ईयर में Sula Vineyards का नेट प्रॉफिट 7.2 करोड़ रुपए था। इसके बाद कंपनी को 16 करोड़ रुपए का लॉस हुआ था। मार्च 2021 में खत्म कंपनी का नेट प्रॉफिट 3 करोड़ रुपए था। हालांकि इस साल बिजनेस पर कोरोनावायरस संक्रमण का असर पड़ा था। इसके बाद Sula Vineyards का नेट प्रॉफिट 52 करोड़ रुपए का रहा और कंपनी ने IPO लाने का फैसला किया।
इस दौरान कंपनी की बिक्री में भी काफी उतारचढ़ाव रहा। पहले यह 433 करोड़ रुपए से बढ़कर 557 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसके बाद यह गिरकर 421 करोड़ रुपए पर आ गया और फिर बढ़कर 456 करोड़ रुपए पर पहुंचा।
Sula Vineyards में क्या है जोखिम?
एलारा कैपिटल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट करण तौरानी ने कहा, "निश्चित तौर पर ग्रोथ की कई वजहे हैं। फिलहाल जो जीता वो सिकंदर है और सुला ही वो सिकंदर है। वाइन को ग्रॉसरी स्टोर से लेकर रिटेल फॉर्मैट में बड़ी आसानी से बेचा जा सकता है। वाइन के MRP में टैक्स का हिस्सा भी स्पिरिट्स के मुकाबले कम है।"
हालांकि इसके बावजूद Sula Vineyards को कारोबार बढ़ाने में दिक्कत हो रही है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य जहां वाइन का प्रोडक्शन ज्यादा है वहां खपत भी ज्यादा है। भारत के कुल मार्केट में इनकी हिस्सेदारी 57% है। तौरानी के मुताबिक, " Sula Vineyards अब टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में दाखिल होना चाहती है। ऐसे में यह देखना अहम है कि नए मार्केट में इस कैटेगरी को कैसी प्रतिक्रिया मिलती है।"
2014 में भारत में प्रति व्यक्ति शराब की खपत 10 मिलीलीटर थी। Technopak के मुताबिक, अब यह बढ़कर 30 मिलीलीटर पहुंच गया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि Sula Vineyards को प्रीमियम होने का फायदा मिल सकता है लेकिन इसमें भी विदेशी कंपनियों के साथ उसकी टक्कर है।
फिलहाल भारत में शराब और स्पिरिट के इंपोर्ट पर 150% की ड्यूटी लगती है। लिहाजा भारत के अल्कोहल बाजार में लिमिटेड विदेशी कंपनियां हैं। अगर सरकार यह टैक्स कम करती है तो Sula Vineyards की मुश्किल बढ़ सकती है।
उदाहरण के तौर पर इसी साल अप्रैल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट किया है। इसके तहत अगले 10 साल में ऑस्ट्रेलियाई वाइन पर इंपोर्ट ड्यूटी चरणबद्ध तरीके से घटाया जाएगा।
Sula Vineyards पूरी तरह ऑफर फॉर सेल
Sula Vineyards का इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानि IPO से जुटाई गई रकम कंपनी के कामकाज में नहीं लगाई जाएगी। ऑफर फॉर सेल में 26,900,530 इक्विटी शेयर बेचे जा रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि संभावित निवेशकों को इसे एक चेतावनी के तौर पर लेना चाहिए। एक PMS फंड मैनेजर ने Sula Vineyards के बारे में कहा, "इस इश्यू में निवेश करने से बेहतर है कि उस रकम का मैं Sula वाइन खरीद लूं।"