Technocraft Ventures IPO: टेक्नोक्रॉफ्ट वेंचर्स का आईपीओ 7 अगस्त को खुल गया। कंपनी ने प्रति शेयर 200-212 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह इश्यू 252 करोड़ रुपये का है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है। इसका मतलब है कि कंपनी के पुराने इनवेस्टर्स यह प्रमोटर्स अपने शेयर बचेंगे। इस इश्यू में 11 अगस्त तक निवेश किया जा सकता है।
क्या कंपनी सिर्फ नए शेयर इश्यू करेंगी?
Technocraft Ventures आईपीओ में निवेशकों को 202 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करेगी। बाकी 50 करोड़ रुपये के शेयर ओएफएस के जरिए बेचे जाएंगे। कंपनी के शेयर बीएसई और एनएसई दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे। क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 50 फीसदी शेयर रिजर्व हैं। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए 15 फीसदी और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व हैं।
कंपनी की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसका हेडक्वार्टर दिल्ली-एनसीआर में है। यह पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी कंपनी है। इसके प्रोजेक्ट्स राजस्थान, उत्तर प्रदेशन, दिल्ली, उत्तराखंड, बिहार और मध्यप्रदेश में हैं। ये प्रोजेक्ट्स वाटर सप्लाई स्कीम, सिवरेज नेटवर्क्स, सिवेज ट्रीटमेंट प्लांटंस (STPs), पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रिब्यूशन और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हैं। कंपनी की ऑर्डरबुक में सिवरेज और वेस्टवाटर प्रोजेक्ट्स की करीब 91 फीसदी हिस्सेदारी है।
क्या कंपनी मुनाफा कमा रही है?
कंपनी को करीब पूरा बिजनेस सरकार के डिपार्टमेंट्स और म्युनिसिपल बॉडीज से मिलता है। इनमें केंद्र और राज्य सरकार की स्पॉन्सर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होती हैं। बीते तीन सालों में कंपनी की ग्रोथ अच्छी रही है। FY26 में कंपनी का टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) 43.31 करोड़ रुपये रहा। पीएटी मार्जिन 12.56 फीसदी रहा। ऑपरेशन से रेवेन्यू 345 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू ग्रोथ 23.40 फीसदी रही। कंपनी की ऑर्डरबुक 1,236 करोड़ रुपये की थी।
शेयर की वैल्यूएशन ज्यादा या कम?
इश्यू से आए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल के लिए इस्तेमाल करेगी। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर इश्यू बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 840 करोड़ रुपये का होगा। शेयर की कीमत FY26 की अर्निंग्स का 19.4 गुना है। प्राइस-टू-बुक रेशिया 2.3 गुना है। प्रतिद्वद्वी कंपनियों के मुकाबले वैल्यूएशन ठीक लगती है। प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के शेयरों का औसत पी/ई करीब 23 गुना है।
ग्रे मार्केट में कितना चल रहा प्रीमियम?
इनवेस्टर को कम से कम एक लॉट शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट 70 शेयरों का है। इसका मतलब है कि प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर अप्लाई करने के लिए कम से कम 14,840 रुपये की जरूरत पड़ेगी। शेयरों का एलॉटमेंट 12 अगस्त को होने की संभावना है। बीएसई और एनएसई में कंपनी के शेयर 14 अगस्त को लिस्ट होंगे। इनवेस्टरगेन के मुताबिक, ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर पर प्रीमियम 13 रुपये चल रहा है। 6 अगस्त को ग्रे मार्केट प्रीमियम 10 रुपये था। यह ज्यादा नहीं है। हालांकि, अभी यह इश्यू का पहला दिन है।
क्या आपको आईपीओ में पैसे लगाने चाहिए?
ब्रोकरेज फर्म आनंदराठी ने इस आईपीओ में पैसे लगाने की सलाह दी है। उसने कहा है कि कंपनी की ऑर्डरबुक डायवर्सिफायड है। कंपनी नए इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी को इंटिग्रेटेड ईपीसी कपैबिलिटी का फायदा होगा। शेयर की वैल्यूएशन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के मुकाबले कम है। सुशील फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी इस आईपीओ में पैसे लगाने की सलाह दी है। हालांकि, इनवेस्टर्स को अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की सलाह के बाद इस आईपीओ में निवेश के बारे में फैसला लेना चाहिए।