क्या SME IPOs में धांधली हो रही है? दिग्गज निवेशक विजय केडिया के एक बयान के बाद यह सवाल फिर से सुर्खियों में आ गया है। विजय केडिया ने कहा कि उनके हिसाब से 10 में से 9 यानी करीब 90 पर्सेंट SME IPOs में ज़बरदस्त धांधली हो रही है और उनमें गड़बड़ी की जा रही है। विजय केडिया ने यह बयान क्यों दिया और SME IPO का यह क्या मामला है, आइए जानते हैं-
विजय केडिया ने कहा, "SME IPOs में एक तरह का घोटाला चल रहा है। मैं मानता हूं कि 10 में से 9 SME IPO को मैनिप्युलेट किया जा रहा है। या तो इसे मर्चेंट बैंकर मैनिप्युलेट कर रहे हैं या फिर प्रमोटर, मालिक या निवेशकों की ओर से इसे किसी न किसी रूप में मैनिप्युलेट करते हैं। यह मैनिप्युलेशन सिर्फ SME सेगमेंट में ही नहीं, बल्कि मेन बोर्ड के कुछ IPOs में भी यह देखने को मिल रहा है।"
केडिया ने ये बातें हमारे सहयोगी CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में कहीं। पहली बार SME IPOs के अंदर हो रही गेम पर किसी ने इस तरह खुलकर बात की। SME सेगमेंट के जरिए छोटी और मीडियम कंपनियां पैसे जुटाने के लिए शेयर बाजार का रुख करती है। वहीं बड़ी कंपनियां मेनबोर्ड के जरिए अपने IPO को लाती हैं।
पिछले कुछ समय से SME IPO का क्रेज काफी बढ़ा है। इसकी वजह ये है कि पहले ही दिन ये IPO निवेशकों के पैसे डबल, ट्रिपल, चार गुना, यहां तक कि पांच गुना तक बढ़ा दे रहे थे। इस साल तो SME IPO ने पैसे जुटाने के मामले में रिकॉर्ड तोड़ दिया। जनवरी से जुलाई के बीच 144 SMEs ने अपने IPO से 4,800 करोड़ रुपये जुटाए हैं। पिछले साल 182 SME IPOs ने ₹4,686 करोड़ जुटाए थे। यहां तक कि BSE SME IPO इंडेक्स भी इस साल की शुरुआत से 134% तक बढ़ चुका है, जबकि इसी अवधि में सेंसेक्स केवल 14% ही बढ़ा है।
अब लिस्टिंग गेन की बात करें तो इस साल सबसे तगड़ा लिस्टिंग विंनसॉल इंजीनियरिंग के शेयरों ने दिया। इसके 75 रुपये के शेयर 365 रुपये के भाव लिस्ट हुए थे। यानी कि आईपीओ निवेशकों को 386 फीसदी से अधिक का लिस्टिंग गेन मिला। दिन के आखिरी में यह SME IPO पर 383.25 रुपये के अपर सर्किट पर बंद हुआ यानी कि आईपीओ निवेशकों का पैसा पहले कारोबारी दिन 411 फीसदी यानी 5 गुना से अधिक बढ़ गया।
विनसॉल इंजीनियरिंग के अलावा और भी कंपनियों के IPO ने ताबड़तोड़ पैसा बनाया है। इसमें Kay Cee Energy & Infra, मेडिकामेन ऑर्गेनिक्स, जीपी इको सॉल्यूशंस इंडिया और मैक्सपोजर शामिल हैं, जिनके शेयर लिस्टिंग के दिन 300 पर्सेंट यानी चार गुना तक बढ़ गए थे।
SME IPO के मुद्दे पर SEBI ने भी कड़ी चेतावनी दी है। सेबी ने निवेशकों को आगाह किया है कि SME स्टॉक्स में निवेश करने से पहले टिप्स और सोशल मीडिया की सूचनाओं पर भरोसा ना करें। इन कंपनियों के ऑपरेशंस को ठीक से समझे बिना निवेश करने से बड़े नुकसान हो सकते हैं। सेबी ने आगाह किया है कि एसएमई कंपनियां लिस्टिंग के बाद बोनस इश्यू स्टॉक स्प्लिट और प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट जैसे कॉरपोरेट एक्शन के जरिए अपने कारोबार की झूठी तस्वीर पेश कर रही हैं।
इतना ही नहीं, हाल ही में NSE ने SME रूट के जरिए आने वाले IPOs के लिस्टिंग की अधिकतम सीमा ही तय कर दी है। NSE ने SME IPOs के जरिए आने वाले शेयरों का भाव प्री-ओपन सेशन में 90% से अधिक नहीं बढ़ सकता हैं। यानी NSE पर अब कोई भी SME IPO अधिकतम 90 फीसदी प्रीमियम पर ही लिस्ट हो सकता है। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि इस धांधली पर कुछ हद तक लगाम लगाई जा सके।