Sah Polymers IPO: साल का आखिरी आईपीओ खुलेगा 30 को, बोरी बनाने वाली कंपनी जारी करेगी नए शेयर

Sah Polymers IPO: पॉलीमर बैग बनाने वाली दिग्गज कंपनी साह पॉलीमर्स (Sah Polymers) ने चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में बाजार नियाक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट फाइल किया था। सेबी ने 31 अक्टूबर-3 नवंबर के बाद इसे आईपीओ लाने की मंजूरी दे दी। अब इसका आईपीओ 30 दिसंबर को खुलेगा जो साल का आखिरी आईपीओ साबित होगा

अपडेटेड Dec 24, 2022 पर 4:47 PM
Sah Polymers IPO का आईपीओ 30 दिसंबर से 4 जनवरी 2023 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। इस इश्यू के तहत कंपनी 1.02 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी।

Sah Polymers IPO: इस साल 2022 का आखिरी आईपीओ 30 दिसंबर को खुलने वाला है। पॉलीमर बैग बनाने वाली दिग्गज कंपनी साह पॉलीमर्स (Sah Polymers) ने चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में बाजार नियाक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट फाइल किया था। सेबी ने 31 अक्टूबर-3 नवंबर के बाद इसे आईपीओ लाने की मंजूरी दे दी। अब इसका आईपीओ 30 दिसंबर को खुलेगा जो साल का आखिरी आईपीओ साबित होगा। शेयरों की लिस्टिंग अगले साल 12 जनवरी को होगी। इस इश्यू के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 1.02 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी होंगे।

Sah Polymers IPO की डिटेल्स

साह पॉलीमर्स का आईपीओ 30 दिसंबर से 4 जनवरी 2023 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। इस इश्यू के तहत कंपनी 1.02 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी। इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स (QIB), 15 फीसदी हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स (NII) और 10 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा।


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शेयरों का अलॉटमेंट 9 जनवरी को फाइनल होगा और बीएसई-एनएसई पर 12 जनवरी को लिस्टिंग होगी। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है। इश्यू के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कर्ज चुकता करने, कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में किया जाएगा।

कंपनी के बारे में डिटेल्स

साह पॉलीमर्स पॉलीप्रोपिलीन/हाई-डेंसिटी पॉलीएथिलीन एफआईबीसी बैग्स, बुनी हुई बोरी, पॉलीप्रोपिलीन/हाई-डेंसिटी पॉलीएथिलीन बुनी हुई फैब्रिक्स और पॉलीमर बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स की एग्रो पेस्टिसाइड्स, दवा, सीमेंट, केमिकल, खाद, फूड प्रोडक्ट्स, कपड़े, टाइल्स और स्टील इंडस्ट्री के कंपनियों को सप्लाई होती है।

इसका कारोबार देश के 6 राज्यों और एक यूनियन टेरिटरी समेत अफ्रीका, मिडिल ईस्ट, यूरोप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कैरेबियन में फैला हुआ है। कंपनी को वित्त वर्ष 2020 में महज 30 लाख रुपये का मुनाफा हासिल हुआ था जिसके बाद अगले वित्त वर्ष 2021 में यह बढ़कर 1.27 करोड़ रुपये और फिर वित्त वर्ष 2021-22 में 4.38 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ।

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