Uma Exports IPO: कंपनी का इश्यू पहले दिन 2.14 गुना सब्सक्राइब हुआ, रिटेल इनवेस्टर्स ने दिखाई खूब दिलचस्पी

अपडेटेड Mar 28, 2022 पर 11:05 PM
Uma Exports IPO: कंपनी के इश्यू में रिटेल इनवेस्टर्स ने दिखाई अच्छी दिलचस्पी

Uma Exports IPO: दाल-मसालों का एक्सपोर्ट-इंपोर्ट करने वाली कंपनी उमा एक्सपोर्ट्स के इश्यू को पहले दिन निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। कंपनी का इश्यू 28 मार्च को खुला और 30 मार्च को बंद होगा। पहले दिन Uma Exports का IPO 2.14 गुना सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी के 92.30 लाख इक्विटी शेयरों के बदले 1.97 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगी है।

रिटेल इनवेस्टर्स ने दिखाई अच्छी दिलचस्पी

रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्से में पहले दिन तक 2.90 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ है। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर के लिए रिजर्व हिस्सा 46% भरा है।


हालांकि अभी क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने बोली लगाने की शुरुआत नहीं की है। Uma Exports के इश्यू का 50% QIB, 35% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स और बाकी के 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Uma Exports की योजना इश्यू से 60 करोड़ रुपए जुटाने की है। कंपनी का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू है। इश्यू से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कामकाज की जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।

Ruchi Soya पर SEBI का एक्शन, रिटेल निवेशकों को FPO से बोली वापस लेने का दिया मौका

क्या है प्राइस बैंड

Uma Exports के इश्यू का प्राइस बैंड 65-68 रुपए तय किया गया है। इसका एक लॉट 220 शेयरों का है।

कब होगी लिस्टिंग?

कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 7 अप्रैल को हो सकती है। जिन लोगों को कंपनी के शेयर नहीं मिलेंगे उनका फंड 5 अप्रैल तक वापस हो जाएगा। जिन्हें ये शेयर मिलेंगे उनके डिमैट अकाउंट में 6 अप्रैल तक शेयर नजर आने लगेंगे।

क्या करें निवेशक?

कंपनी ने एक ऐसी बिजनेस स्ट्रैटेजी तैयार की है जिसके तहत वह डिमांड के मुताबिक एक कमोडिटी से दूसरी कमोडिटी में एक्सपोर्ट-इंपोर्ट कर सकती है। कंपनी के मैनेजमेंट ने यह पॉलिसी इसलिए अपनाई है ताकि साल में हमेशा कंपनी के पास किसी ना किसी कमोडिटी में एक्सपोर्ट-इंपोर्ट करने का काम करे।

विदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनी ने U.E.L. International FZE की 100% शेयरहोल्डिंग खरीद ली है। यह कंपनी चीनी, मसालों और टेक्सटाइल में डील करती है।

इस सेगमेंट में प्रतियोगिता बढ़ने के बावजूद कंपनी की इंडस्ट्री में पहचान है। इसे अपने ग्राहकों से रिपीट ऑर्डर मिलते रहे हैं। इसके ग्राहक दुनिया भर के देश में फैले हैं। कंपनी फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में एक प्रोक्योरमेंट ऑफिस लगाने की तैयारी में है ताकि ढुलाई का खर्च बचे।

अगर हम कंपनी की बैलेंस शीट को देखें तो पिछले तीन साल में कंपनी का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है। इस दौरान कंपनी की आमदनी और प्रॉफिट दोनों में तेजी आई है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है जिससे यह आकर्षक नजर आ रहा है। लॉन्ग टर्म के लिहाज से निवेशक इसमें पैसा लगा सकते हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।